चांडिल: सरायकेला-खरसावां जिले के खूंटी गांव में नर्सिंग इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के विस्तार प्रस्ताव को लेकर शुक्रवार को जनसुनवाई आयोजित की गई। लेकिन, इस जनसुनवाई का स्वरूप और स्थान देखकर जिला परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य और ग्रामीणों ने कड़ा विरोध जताते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जनसुनवाई गांव के किसी सार्वजनिक स्थल या सरकारी भवन में होनी चाहिए थी, लेकिन कंपनी परिसर में टेंट लगाकर बैठक की गई। इसे उन्होंने ग्रामीणों और प्रतिनिधियों की अनदेखी और प्रबंधन की साजिश बताया।
चौका स्थित एक होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जिप अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि:
कंपनी ने स्थानीय लोगों को CSR फंड से कोई लाभ नहीं दिया।
मजदूरों को न तो पूरा वेतन मिलता है और न ही पीएफ, ईएसआई और सुरक्षा उपकरण।
ग्रामीणों और जमीनदाताओं से किए वादे पूरे नहीं किए गए।
उन्होंने कहा कि वे कंपनी की स्थापना या विस्तार के विरोधी नहीं हैं, लेकिन सबकुछ नियम के मुताबिक होना चाहिए।
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि ग्रामीण वर्षों से कंपनी की अनियमितताओं की शिकायत करते आ रहे हैं, लेकिन विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। कई बार जांच टीम बनी, पर रिपोर्ट न सार्वजनिक हुई और न ही कंपनी पर कोई कार्रवाई हुई।

ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने कंपनी और प्रशासन के सामने कई गंभीर सवाल उठाए:
क्या कंपनी ने 10.12 एकड़ वन भूमि और 0.55 एकड़ सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया है?
क्या कंपनी किसानों के सिंचाई डेम से बिना अनुमति पानी ले रही है?
कंपनी से निकलने वाली धूल और जहरीली गैस से क्षेत्र प्रदूषित हो रहा है, इसका समाधान क्या है?
क्या कंपनी ने सार्वजनिक रास्ते पर अवैध कब्जा किया है?
मजदूरों के लिए एंबुलेंस, सुरक्षा उपकरण और ईएसआई अस्पताल की व्यवस्था क्यों नहीं है?
बार-बार मजदूरों की दुर्घटनाओं पर कंपनी की क्या योजना है?
स्थानीय गांवों के लिए CSR के तहत क्या काम किए गए हैं?
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने साफ कहा कि कोई भी कंपनी अगर नियमों और स्थानीय हितों का सम्मान करते हुए काम करती है, तो उसका स्वागत है। लेकिन, नर्सिंग इस्पात लिमिटेड की अनियमितताओं को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जिला परिषद की बैठक में भी इस मुद्दे को मजबूती से उठाया जाएगा।
इसे भी पढ़ें : डॉलर का विकल्प बनेगा SCO की बैठक: J. P. पांडेय
There is no ads to display, Please add some



















































