- शिक्षा केंद्र के रूप में घाटशिला को पहचान दिलाने की दिशा में झामुमो नेताओं का साझा संकल्प
- झामुमो प्रत्याशी के समर्थन में उमड़ा जनसैलाब, नेताओं ने दिखाई मजबूती और एकता
घाटशिला : मउभंडार स्थित इवनिंग क्लब में घाटशिला बोंगोभाषी समाज के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस मौके पर बहरागोड़ा के विधायक समीर कुमार महंती, जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी तथा झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता कुणाल षड़ंगी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बैठक में दिवंगत विधायक स्व. रामदास सोरेन को श्रद्धांजलि दी गई और उनके अधूरे सपनों को साकार करने का संकल्प लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि स्व. सोरेन के प्रयासों से ही घाटशिला को पहचान मिली और उनका लक्ष्य था कि यह क्षेत्र एक शैक्षणिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित हो।
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स्व. रामदास सोरेन को दी श्रद्धांजलि, झामुमो नेताओं ने उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का लिया संकल्प
विधायक समीर महंती और मंगल कालिंदी ने अपने संबोधन में कहा कि स्व. रामदास सोरेन का घाटशिला के प्रति गहरा लगाव था। उन्होंने पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना में अग्रणी भूमिका निभाई, जो आज देश का दूसरा जनजातीय विश्वविद्यालय है। उन्होंने कहा कि रामदास सोरेन का सपना था कि घाटशिला क्षेत्र को शिक्षा का केंद्र बनाया जाए, लेकिन उनका असमय निधन इस दिशा में बाधा बना। अब उनके पुत्र सोमेश सोरेन उनके सपनों को साकार करेंगे, जिसके लिए जनता का आशीर्वाद आवश्यक है।
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नेताओं ने कहा, जनता का आशीर्वाद जरूरी
इस अवसर पर झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता कुणाल षड़ंगी ने कहा कि “यह भूमि विभूति भूषण बंदोपाध्याय की कर्मभूमि है — बुद्धिजीवियों की भूमि है। इसलिए जनता को समझना होगा कि एक ओर गुंडा प्रवृत्ति वाले प्रत्याशी हैं, वहीं दूसरी ओर शिक्षित और इंजीनियर झामुमो प्रत्याशी सोमेश चंद्र सोरेन हैं।” बैठक के अंत में सभी ने झामुमो प्रत्याशी के समर्थन में एकजुटता दिखाई और संकल्प लिया कि स्व. रामदास सोरेन के सपनों को साकार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। कार्यक्रम में देवी प्रसाद मुखर्जी, सुशांत दा, बिरेन सिंहदेव, कल्पना जी, बेबी रॉय, मानसी चटर्जी, कंकाली घोष, डोली चटर्जी, मंतोष दा, निशित, स्वपन दत्ता, अम्लान रॉय, काजोल डॉन सहित कई प्रमुख समाजसेवी उपस्थित थे।
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