झाड़ग्राम: झाड़ग्राम जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में आज भाई फोंटा का त्योहार बड़े उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर बहनों ने अपने भाइयों के माथे पर पारंपरिक तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र और खुशहाली की कामना की।
भाइयों ने भी अपनी बहनों को उपहार देकर अपने स्नेह का इज़हार किया। इस मौके पर बहनों ने विशेष पूजा-पाठ किया और पारंपरिक बंगाली व्यंजनों जैसे मिठाई और खीर का आनंद लिया।
परंपरा और पौराणिक कथा
भाई फोंटा की यह परंपरा यमराज और उनकी बहन जमुना से जुड़ी हुई है। कथा के अनुसार, जमुना ने कार्तिक शुक्ल द्वितीया को यमराज का सत्कार किया और उन्हें भोजन कराया। इससे नरक में यातना भोग रहे जीवों को मुक्ति मिली। प्रसन्न होकर यमराज ने जमुना से वरदान मांगा। जमुना ने हर साल अपने घर आने वाली बहनों के लिए उनके भाइयों की लंबी उम्र और सम्मान का वरदान मांगा। तभी से यह परंपरा आज तक चली आ रही है।
जिले के विभिन्न हिस्सों में परिवारों ने भाई फोंटा को एकजुट होकर मनाया। सुबह से ही मिठाई की दुकानों पर भीड़ रही। पारंपरिक गीतों और अनुष्ठानों के बीच भाई-बहन के अटूट रिश्ते की गहराई को याद किया गया। यह त्योहार न केवल पारिवारिक बंधनों को मजबूत करता है, बल्कि सामाजिक सौहार्द और आपसी स्नेह को भी बढ़ावा देता है।
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