पोटका: पोटका प्रखंड के हलुदबनी स्थित तिलका गढ़ मुंडा टोला में सनातन सरदार और आदिवासी भूमिज समाज के बीच जमीन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सनातन सरदार का कहना है कि उन्होंने साल 2021 में नियमपूर्वक 6 कट्ठा जमीन खरीदी थी। जमीन का म्यूटेशन और दखल भी हो चुका था। सब कुछ सामान्य था, लेकिन 2025 में निर्माण कार्य शुरू करते ही समाज के लोगों ने आपत्ति जताई और नोटिस जारी किया।
भूमिज समाज का कहना है कि यह जमीन आसवन सरदार की है, इसलिए निर्माण रोका गया। सनातन सरदार का कहना है कि उन्होंने समाज को सभी कानूनी दस्तावेज दिखा दिए, लेकिन आसवन सरदार या समाज की ओर से कोई प्रमाण पेश नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि बार-बार नोटिस और टालमटोल रवैये से परेशान होकर वे समाज के अध्यक्ष जयपाल सिंह मुंडा से मिलने गए, लेकिन उन्हें यह कहकर टाल दिया गया कि “आप समय पर नहीं आए।”
सनातन सरदार ने सीओ (अंचल अधिकारी) को पत्र देकर जमीन का सीमांकन कराने की मांग की है। उनके समर्थन में सुशांत मुंडा ने कहा, “हमारे पास वैध कागजात हैं, फिर भी हमें सुना नहीं जा रहा है। समाज रूढ़िवादी रवैया अपनाकर अनावश्यक परेशान कर रहा है।”
वहीं, आदिवासी भूमिज समाज के राज्य अध्यक्ष जयपाल सिंह भूमिज ने कहा कि सनातन सरदार जबरन जमीन कब्जाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि समाज की ओर से केवल नोटिस भेजकर शांतिपूर्ण समाधान की पहल की गई है और किसी तरह की व्यक्तिगत प्रताड़ना नहीं की गई।
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