सरायकेला: सरायकेला समाहरणालय सभागार में शुक्रवार को उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय माइनिंग टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक मुकेश लूणायत, अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, जिला खनन पदाधिकारी ज्योति शंकर सतपथी, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय और अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत में जिला खनन पदाधिकारी सतपथी ने सितंबर और अक्टूबर माह में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ संचालित विशेष अभियानों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि अभियानों के दौरान 7 ट्रैक्टर, 3 जेसीबी, 1 ट्रक, 9 हाईवा, 2 हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर और 2 डंपिंग मशीनें जब्त की गईं। लगभग 7.5 लाख घनफुट अवैध बालू ज़ब्त किया गया और छह वाहनों से ₹2.45 लाख दंड राशि वसूल की गई। इसी अवधि में अवैध उत्खनन और परिवहन से संबंधित कुल 7 प्राथमिकी दर्ज की गई।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि जिले में अवैध खनन, उत्खनन, भंडारण और परिवहन की किसी भी गतिविधि को रोकने हेतु आपसी समन्वय के साथ सतत और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील खनन क्षेत्रों में नियमित औचक निरीक्षण अभियान चलाए जाएँ और किसी भी सूचना मिलने पर संयुक्त टीम द्वारा त्वरित छापेमारी की जाए। इसके अलावा, मिलन चौक, तिरुलडीह चेकपोस्ट सहित प्रमुख चेक नाकों पर अगले दो दिनों में मजिस्ट्रेट और पुलिस पदाधिकारियों की निरंतर तैनाती सुनिश्चित की जाए और सभी चेक-पॉइंट को CCTV आधारित 24×7 निगरानी प्रणाली के तहत लाया जाए।
उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि खनिज परिवहन में लगे सभी वाहनों में सामग्री को पूरी तरह ढका और सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा, ताकि पर्यावरण संरक्षण, सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक मार्गों की स्वच्छता सुनिश्चित हो। साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि जब्त बालू की नीलामी प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए और इससे होने वाली राजस्व संबंधित सभी कार्यवाही समयबद्ध रूप से पूरी की जाए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक मुकेश लूणायत ने कहा कि अवैध खनन और परिवहन से जुड़ी किसी भी सूचना पर अनुमंडल पदाधिकारी, अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी मिलकर त्वरित कार्रवाई दल गठित करें। पर्याप्त पुलिस बल के साथ गोपनीय छापामारी की जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर और नियमसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जब्त वाहनों, मशीनरी और संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी पंजीकृत कर न्यायालय में शीघ्र प्रस्तुतिकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की प्रक्रियागत देरी न हो।
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