जमशेदपुर: भुईयांडीह बर्निंग घाट गोलचक्कर से कल्याण नगर चौक तक कोर्ट के आदेश पर जिला प्रशासन और टाटा स्टील लैंड डिपार्टमेंट द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के अगले दिन, जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू पीड़ित परिवारों के बीच पहुँचीं।
उन्होंने प्रभावितों से मिलकर उनकी पीड़ा सुनी और कहा कि अचानक हुई यह कार्रवाई अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ लोग यह भ्रम फैला रहे हैं कि इस कार्रवाई में उनका हाथ है, जबकि यह पूरी तरह कोर्ट के आदेश पर हुई प्रशासनिक प्रक्रिया थी।
विधायक ने जिला प्रशासन और टाटा स्टील से सवाल किया कि जब सड़क चौड़ीकरण की योजना पहले से तय थी, तो प्रभावित परिवारों को अग्रिम सूचना क्यों नहीं दी गई। उन्होंने पूछा कि घर और दुकान खाली करने का पर्याप्त समय क्यों नहीं दिया गया और सड़क चौड़ीकरण की मार्किंग क्यों नहीं की गई।
पूर्णिमा साहू ने कहा, “अचानक 30 मिनट की नोटिस देकर घर-दुकान जमींदोज करना मानवीय दृष्टि से अस्वीकार्य है।” उन्होंने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि कुछ लोग अपनी राजनीति और अस्तित्व बचाने के लिए गरीब परिवारों को ढाल बना रहे हैं।
विधायक ने भरोसा दिलाया कि वे इस पूरे प्रकरण को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष रखेंगी। उन्होंने प्रभावित परिवारों के शीघ्र पुनर्वास और उचित सहायता के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
उन्होंने यह भी कहा कि सड़क चौड़ीकरण की मांग जनता की थी और प्रशासन दो साल से तैयारी में था, लेकिन बिना सूचना और समय दिए अचानक कार्रवाई करना बेहद दुःखद है।
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