Muri: हाथियों के उत्पात से डरी-सहमी रहती है लक्ष्मी मांझी, तीन वर्ष बाद भी नहीं मिली आर्थिक मदद

मुरी : झारखंड के अलग-अलग जिलों में इन दिनों हाथियों का उत्पात जारी है. फसल बर्बाद करने, घर में तोड़फोड़ करने के बाद अब हाथी लोगों की जान ले रहे हैं. हाथियों के हमले निरंतर जारी हैं. इससे मुरी के लोसेरा गांव की रहने वाली लक्ष्मी मांझी काफी डरी सहमी हैं. वर्ष 2022 में जंगली हाथियों ने उसका घर को तोड़कर तहस नहस कर दिया था. गृह विहिन लक्ष्मी ने विभाग में मुआवजा के लिए कई बार आवेदन दिया. लेकिन उसपर कोई कार्रवाई नहीं हुई. किसी तरह मिट्टी का कच्चा घर बनाकर वह गुजारा कर रही है. इन दिनों हाथियों का उत्पात सुनकर वह काफी डर गई है. कहती है अगर दोबारा हाथी ने उसका घर तोड़ दिया तो वह बेसहारा हो जाएगी. लक्ष्मी के सास-ससुर का निधन हो गया है. जबकि पति रांची में रहकर काम करता है. घर पर वह अपने एक छोटे बेटे के साथ रहती है.

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