गुवा : राजाबुरु खदान क्षेत्र में 75 प्रतिशत स्थानीय रोजगार की मांग को लेकर 10 गांवों के मुंडा–मानकी एवं ग्रामीणों का आंदोलन शनिवार को छठे दिन भी जारी रहा। आंदोलन का नेतृत्व सारंडा पीढ़ मानकी लागुड़ा देवगम एवं छोटानागरा पंचायत मुखिया राजू शांडिल कर रहे हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जब तक स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने की लिखित गारंटी नहीं दी जाती, तब तक खदान में खनन कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा। उनका आरोप है कि अब तक कोई भी विभागीय अधिकारी वार्ता के लिए स्थल पर नहीं पहुंचा है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।आंदोलन को समर्थन देने के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम, जिला सचिव राहुल आदित्य, उपाध्यक्ष दीपक प्रधान, अशोक दास, वृंदावन गोप एवं व्यावसायिक जिला मोर्चा अध्यक्ष प्रेमनाथ गुप्ता आंदोलन स्थल पर पहुंचे। जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम ने कहा, “रोजगार नहीं तो खनन नहीं। क्या आदिवासियों को उनकी ही जमीन पर मजदूर बनने का भी हक नहीं? हमारी जमीन से खनिज निकले और हमारे बच्चे बेरोजगार रहें, यह अब नहीं चलेगा।ग्रामीणों ने यह भी कहा कि यह क्षेत्र पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आता है और ग्रामसभा की सहमति के बिना किसी भी योजना को लागू करना संविधान की भावना के विरुद्ध है। उन्होंने मांग दोहराई कि स्थानीय युवाओं को 75 प्रतिशत रोजगार सुनिश्चित किया जाए तथा ग्रामसभा के अधिकारों का सम्मान किया जाए। फिलहाल खदान क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। झामुमो नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र वार्ता शुरू नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
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