जमशेदपुर: पूर्व सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. अजय कुमार ने संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए राजनीतिक लाभ के लिए तैयार किया गया है.
नौकरियों की कमी और मध्यम वर्ग का शोषण
उन्होंने कहा कि देश में नौकरियाँ नहीं हैं, और मध्यम वर्ग हर तरफ से शोषित हो रहा है. वहीं, 80 करोड़ लोग मुफ्त भोजन पर निर्भर हैं. पिछले 10 सालों से मध्यम वर्ग लगातार पस्त हो रहा है. महँगाई अपने चरम पर है, जो सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर रही है.
टैक्स का विरोधाभास
डॉ. कुमार ने बताया कि एक ओर इन्कम टैक्स में छूट देने की घोषणा की गई है, वहीं दूसरी ओर पॉपकॉर्न पर जीएसटी लगा दिया गया है. उन्होंने इसे “गब्बर सिंह टैक्स” करार देते हुए कहा कि इससे लोगों की कमर टूट रही है और वे त्राहिमाम कर रहे हैं.
वरिष्ठ नागरिकों और किसानों की उपेक्षा
बजट में वरिष्ठ नागरिकों की उपेक्षा की गई है. मजे की बात यह है कि कृषि प्रधान देश में किसान अपने अधिकारों, विशेष रूप से न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं. डॉ. अजय ने कहा कि मोदी सरकार में अमीरों का कर्ज माफ हो जाता है, लेकिन किसानों को अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करना पड़ता है. कर्ज के बोझ तले दबे किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो रहे हैं.
आम जनता के लिए लॉलीपॉप
उन्होंने अंत में कहा कि अब वित्त मंत्री ने बजट में 12 लाख का लॉलीपॉप आम जनता को थमाया है, जो वास्तविकता से परे है.
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