कुड़माली को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की अनुशंसा व मुंडारी, भूमिज और कोड़ा भाषा को द्वितीय राजभाषा का दर्जा देने की मांग
झाड़ग्राम : जंगलमहल स्वराज मोर्चा (जेएसएम) ने जंगलमहल क्षेत्र के समग्र विकास की मांग को लेकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुभेन्दु अधिकारी के नाम 27 सूत्री मांग पत्र झाड़ग्राम के जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से सौंपा। मांगपत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, आदिवासी कल्याण, रोजगार, आधारभूत संरचना, भाषा एवं संस्कृति के संरक्षण सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है।
जेएसएम के केंद्रीय अध्यक्ष अशोक महतो के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि यह मांगपत्र जंगलमहल के लोगों की वास्तविक जरूरतों और जनभावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है तथा क्षेत्र के संतुलित, समावेशी और सतत विकास की दिशा में ठोस पहल की आवश्यकता है।
मांगपत्र में जंगलमहल में केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से एम्स स्तर के आधुनिक सरकारी अस्पताल की स्थापना की मांग की गई है। साथ ही, मानव-हाथी संघर्ष की समस्या का स्थायी समाधान, हाथी हमलों के पीड़ितों को वर्तमान बाजार दर के अनुसार मुआवजा तथा मृतकों के पात्र परिजनों को सरकारी नौकरी देने की मांग भी शामिल है। इसके अलावा दिव्यांग, विधवा और वृद्धावस्था पेंशन को बढ़ाकर न्यूनतम पांच हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की गई है।
शिक्षा एवं सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्र में मोर्चा ने कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की अनुशंसा करने तथा मुंडारी, भूमिज और कोड़ा भाषाओं को पश्चिम बंगाल की द्वितीय राजभाषा का दर्जा देने की मांग उठाई है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल झूमर अकादमी और कुड़माली साहित्य अकादमी की स्थापना, झाड़ग्राम में जवाहर नवोदय विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय, आधुनिक जिला पुस्तकालय तथा आदिवासी बहुल क्षेत्रों में सरकारी प्राथमिक विद्यालय स्थापित करने की मांग भी की गई है। ज्ञापन में पश्चिम बंगाल संताली शिक्षा बोर्ड के गठन का प्रस्ताव भी रखा गया है।
मोर्चा ने विशेष रूप से अत्यंत कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के लिए शिक्षा, कौशल विकास और आजीविका कार्यक्रम शुरू करने, साल पत्ता आधारित उद्योग को संस्थागत सहयोग देने, स्वयं सहायता समूहों और लैम्प्स को मजबूत करने, पशु बाजारों को सरकारी नियमों के तहत पुनः शुरू करने तथा जंगलमहल के प्रत्येक जिले में कौशल विकास एवं रोजगार केंद्र स्थापित करने की मांग की है।
आधारभूत संरचना से जुड़ी मांगों में क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत, कदमकानन रेलवे फाटक पर प्रस्तावित रेल ओवरब्रिज का शीघ्र निर्माण, चिल्कीगढ़ सहित विभिन्न नदी मार्गों पर स्थायी पुलों का निर्माण, झाड़ग्राम शहर के भूमिहीन परिवारों को भूमि पट्टा प्रदान करना तथा विस्थापित फुटपाथ दुकानदारों के पुनर्वास के लिए मानवीय नीति लागू करने की मांग शामिल है। इसके अलावा बालू की कीमतों पर नियंत्रण और पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने की भी मांग की गई है।
मांगपत्र में मुख्यमंत्री के झाड़ग्राम दौरे के दौरान ‘जनता दरबार’ आयोजित करने की भी मांग की गई है, ताकि आम लोग सीधे अपनी समस्याएं सरकार के समक्ष रख सकें।
इस अवसर पर जेएसएम के केंद्रीय अध्यक्ष अशोक महतो ने कहा कि जंगलमहल का विकास केवल आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और सांस्कृतिक सम्मान का भी प्रश्न है। उन्होंने कहा कि संगठन की सभी मांगें क्षेत्र के लोगों की वास्तविक आवश्यकताओं पर आधारित हैं और सरकार से इन पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा की जाती है।
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