जमशेदपुर: आजसू जिला प्रवक्ता अप्पू तिवारी ने बर्मामाइंस स्थित टाटा स्टील के कर्मचारियों के आवासीय क्वाटर्स की टूट-फूट को लेकर गंभीर चिंता जताई है और सवाल उठाया है कि इन क्वाटर्स को तोड़ने का आदेश किस अधिकारी ने दिया. तिवारी ने आरोप लगाया है कि यह मामला सुरक्षा में हो रही बड़ी लापरवाही का प्रतीक बन चुका है, जो न केवल कर्मचारियों की जान को खतरे में डाल रहा है बल्कि एक बड़ी दुर्घटना को भी आमंत्रित कर रहा है.
अप्पू तिवारी ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “यह टाटा स्टील के सुरक्षा मानकों की बड़ी विफलता का परिणाम है. यदि बर्मामाइंस में कोई बड़ी घटना होती है, तो इसके जिम्मेदार कौन होंगे?” उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि इससे पहले भी एक महिला की छत गिरने से मृत्यु हो चुकी है, जो यह साबित करता है कि इस क्षेत्र में सुरक्षा के मानक सही नहीं हैं.
उन्होंने आगे कहा, “टाटा स्टील सुरक्षा के नाम पर कोई समझौता नहीं करती, लेकिन बर्मामाइंस की स्थिति देखकर ऐसा लगता है कि यहां लूट का माहौल है. यह लूट स्थानीय थानाप्रभारी या नेताओं की मिलीभगत से हो रही है, या फिर सत्ता में बैठे लोगों के इशारे पर?”
अप्पू तिवारी ने यह भी कहा कि वह जल्द ही टाटा स्टील के अधिकारियों से मिलकर इस मामले की पूरी जानकारी लेंगे, और फिर पुलिस अधीक्षक और उपायुक्त से मिलकर इस गंभीर मुद्दे को उठाएंगे. “यह कार्य न केवल दुखद बल्कि शर्मनाक भी है,” उन्होंने कहा.
संगठनों और अधिकारियों को गंभीर सुरक्षा संकट का सामना करते हुए, अप्पू तिवारी का यह कदम न केवल बर्मामाइंस बल्कि पूरे शहर के लिए एक चेतावनी है. ऐसे मामलों में कार्रवाई की आवश्यकता है, क्योंकि एक बड़ा हादसा किसी के लिए भी क़ीमत चुकाने का विषय बन सकता है.
इसे भी पढ़ें :


















































