बहरागोड़ा: बहरागोड़ा प्रखंड की पारुलिया पंचायत के बारह मौजा में स्थित श्मशान घाट को तदुआ गांव के ग्रामीणों ने दीपावली के अवसर पर श्रमदान कर नया रूप दिया। लंबे समय से उपेक्षित इस स्थल पर ग्रामीणों ने जेसीबी मशीन और हाथों से झाड़ियों की गहन सफाई की।
ग्रामीणों ने बताया कि घनी झाड़ियों और अव्यवस्था के कारण शवदाह में काफी कठिनाई हो रही थी। बंकिम चंद्र दे, तपन कुमार दे, देवब्रत दे, राजगोपाल सोम, अशोक कुमार दे, आत्मानंद दे, गुना धर सोम, लेखक कुमार दे, उत्तम दत्त, बिरजू राम, समीर कुमार दे, गौरांग देहुरी और गुनाधर दत्त सहित अन्य ग्रामीणों ने मिलकर श्मशान घाट को स्वच्छ बनाया।
ग्रामीणों ने अन्य ग्रामवासियों से निवेदन किया है कि शवदाह मुख्य सड़क के किनारे न करें। ऐसा करने से राहगीरों को असुविधा होती है और श्मशान घाट की पहचान भी खतरे में पड़ती है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि अंतिम संस्कार केवल श्मशान घाट के अंदर ही किया जाए।
साफ-सफाई के बाद बारह मौजा के ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से ‘हरित शवदाह प्रणाली’ (Green Cremation System) लागू करने की मांग फिर से उठाई। उनका कहना है कि यह प्रणाली लागू होने से लगभग 60% लकड़ी की बचत होगी, शवदाह का समय कम होगा और पर्यावरण पर पड़ने वाला असर घटेगा।
ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान में अधिक लकड़ी के प्रयोग से वातावरण में कार्बन की मात्रा बढ़ रही है और हरियाली में कमी आ रही है। हरित शवदाह प्रणाली की शुरुआत से पर्यावरणीय नुकसान कम होगा और पारंपरिक विधियों का पर्यावरण पर असर घटेगा।



















































