बहरागोड़ा : बहरागोड़ा प्रखंड के खंडामोदा और जगन्नाथपुर (बरसोल) चौक अब मौत के केंद्र बनते जा रहे हैं। पिछले मात्र 48 घंटों के भीतर इन दोनों स्थलों पर हुई दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं (16 और 18 मार्च) ने दो मासूम जिंदगियां निगल ली हैं। इन घटनाओं ने एनएचएआई (NHAI) और स्थानीय प्रशासन के सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है।
अधूरे वादे, गहराता खतरा
जस्टिस डायनामिक्स सोसाइटी के अध्यक्ष अधिवक्ता ज्योतिर्मय दास ने कड़ा रोष जताते हुए कहा कि पूर्व में शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने केवल हाई मास्ट लाइट और बोर्ड जैसे ‘अस्थायी’ उपायों तक खुद को सीमित रखा, जो नाकाफी सिद्ध हुए हैं। विशेषकर जगन्नाथपुर चौक पर न तो सुरक्षित क्रॉसिंग है और न ही पर्याप्त रोशनी, जिससे शाम होते ही यह इलाका ‘डेथ जोन’ में तब्दील हो जाता है।
विभागीय टीम ने किया स्थल का निरीक्षण
संस्था के सदस्य ज्योतिर्मय दास और सुमित चंद्र पौद्दार ने जिला परिवहन पदाधिकारी से मुलाकात कर इन दोनों चौकों को आधिकारिक तौर पर ‘ब्लैक स्पॉट’ घोषित करने और वहां फ्लाईओवर या अंडरपास निर्माण की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने टीम भेजकर निरीक्षण कराया है और जल्द ही बैरिकेडिंग व लाइटिंग दुरुस्त करने का आश्वासन दिया है। सोसाइटी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो भविष्य में होने वाली जनहानि की जिम्मेदारी सीधे प्रशासन की होगी।
















































