पटना: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन ने बड़ा फैसला किया। कांग्रेस नेता और पूर्व डिप्टी सीएम अशोक गहलोत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में एलान किया कि अगर महागठबंधन सरकार बनती है, तो नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री होंगे और मुकेश सहनी डिप्टी मुख्यमंत्री बनेंगे। महागठबंधन में कुल 7 दल शामिल हैं। आरजेडी और कांग्रेस के अलावा इसमें सीपीआई माले, सीपीएम, सीपीआई, वीआईपी और आईपी गुप्ता की पार्टी भी शामिल हैं।
तेजस्वी यादव का बीजेपी पर हमला
तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी को चुनौती देते हुए कहा कि उनकी पार्टी नीतीश कुमार को दोबारा मुख्यमंत्री नहीं बनने देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जेडीयू में कुछ नेता बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं और जेडीयू को कमजोर करना चाहते हैं।
तेजस्वी ने कहा, “एनडीए ने कभी संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की। अब तक मुख्यमंत्री का चेहरा केवल नीतीश कुमार को घोषित किया गया है। लेकिन सवाल है कि बीजेपी और एनडीए ने यह क्यों नहीं कहा कि मुख्यमंत्री कौन होगा?”
बिहार में बदलाव का संदेश
तेजस्वी यादव ने कहा कि महागठबंधन बिहार में बदलाव लाने के लिए एकजुट हुआ है। उन्होंने कहा, “हम इस निकम्मी सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्प ले चुके हैं। भाजपा, नीतीश कुमार की पार्टी को खत्म करना चाहती है। गरीब और पिछड़े बिहार में लगातार भ्रष्टाचार और अफसरशाही से जनता परेशान है।”
उन्होंने कहा कि महागठबंधन सरकार बनने पर हर परिवार को सरकारी नौकरी, माई-बहिन मान योजना, गैस सिलेंडर ₹500, जीविका दीदी को स्थायी नौकरी और ₹30,000 प्रतिमाह जैसी योजनाएं लागू करेगा।
तेजस्वी का निशाना: “एनडीए नकलची है”
तेजस्वी ने कहा, “एनडीए वाले नकलची हैं। इनके नेता थके हुए हैं। यह लोग बिहार को ठगने में लगे हुए हैं। हमने पहले ही पांच लाख नौकरियां दी और साढ़े तीन लाख नौकरियां प्रक्रियाधीन करवाई। हमारी सरकार बनते ही हर परिवार में सरकारी नौकरी सुनिश्चित होगी।”


















































