रामगढ़: रामगढ़ जिले के वेस्ट बोकारो ओपी क्षेत्र अंतर्गत चैनपुर सीसीएल रेलवे साइडिंग में सोमवार की देर रात ड्यूटी के दौरान एक सीसीएल कर्मी की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान रतवै निवासी हारून मियां के रूप में हुई है, जो कांटा घर में इंचार्ज पद पर कार्यरत थे। हादसे के बाद से ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। पिछले 15 घंटे से ग्रामीण रेलवे ट्रैक पर शव के साथ धरना दे रहे हैं, जिससे रेलवे साइडिंग का काम पूरी तरह ठप हो गया है।
नाइट शिफ्ट के दौरान हुआ हादसा, मालगाड़ी की चपेट में आए कर्मी
जानकारी के अनुसार, हारून मियां सोमवार की रात नाइट शिफ्ट में ड्यूटी पर थे। रात करीब 1:30 बजे के आसपास वे किसी कारणवश रेलवे पटरी पर गिर पड़े और उसी समय कोयला लदी एक मालगाड़ी की चपेट में आ गए। इससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
सुबह जैसे ही घटना की खबर गांव में फैली, सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जुट गए और शव के साथ धरना पर बैठ गए। उनका स्पष्ट कहना है कि जब तक मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा और एक परिजन को नौकरी नहीं दी जाती, तब तक शव को नहीं उठने देंगे।
रेलवे साइडिंग का कार्य बंद, मालगाड़ी खड़ी
प्रदर्शन के चलते चैनपुर रेलवे साइडिंग का सारा कार्य बाधित हो गया है। कोयला लदी मालगाड़ी कई घंटों से खड़ी है। सीसीएल और रेलवे अधिकारियों की ओर से बार-बार समझाने के बावजूद ग्रामीण अपनी मांगों पर अडिग हैं।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, प्रशासन की कोशिशें जारी
मृतक के परिजन गहरे सदमे में हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय प्रशासन व पुलिस मौके पर मौजूद है और लगातार ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रही है। अब तक कोई ठोस समझौता नहीं हो सका है।
स्थानीय प्रतिनिधियों और अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने कहा है कि इस गंभीर घटना की जिम्मेदारी सीसीएल प्रबंधन की है, जिसे तत्काल मुआवजा व नौकरी देने की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और उच्च अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
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