सरायकेला: सरायकेला-खरसावां के DC रवि शंकर शुक्ला को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विज्ञान भवन, नई दिल्ली में सम्मानित किया. यह सम्मान उन्हें ‘आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम’ श्रेणी में देश के शीर्ष पाँच प्रदर्शनकारी प्रखंडों में शामिल करने के लिए दिया गया.
इस श्रेणी में गम्हरिया प्रखंड को पूरे भारत में पहला स्थान प्राप्त हुआ. इस उल्लेखनीय उपलब्धि में DC रवि शंकर शुक्ला की अग्रणी भूमिका रही.
नीति आयोग के निरीक्षण के बाद गम्हरिया का चयन
देशभर के 500 से अधिक आकांक्षी प्रखंडों में प्रतिस्पर्धा के बीच गम्हरिया प्रखंड ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया. नीति आयोग की टीमों ने लगातार क्षेत्र का निरीक्षण किया. सामाजिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि व बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में हुए कार्यों के मूल्यांकन के बाद गम्हरिया को राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान दिया गया.
सिविल सेवा दिवस पर ऐतिहासिक पल
DC रवि शंकर शुक्ला को यह सम्मान 21 अप्रैल को सिविल सेवा दिवस के अवसर पर प्रदान किया गया. इस सम्मान को राज्य में एक प्रेरणादायक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है.
शुक्ला ने इस अवसर पर कहा, “यह मेरे लिए गौरव का क्षण है. देश के प्रधानमंत्री के हाथों सम्मान प्राप्त करना, न केवल मेरे लिए बल्कि सभी सिविल सेवकों के लिए प्रेरणा है.” उन्होंने यह सम्मान सरायकेला-खरसावां की जनता को समर्पित किया.
पारिवारिक पृष्ठभूमि से मिला सेवा भाव
DC शुक्ला ने बताया कि उनके पिता स्व. रमा शंकर शुक्ला एक प्रतिष्ठित न्यायिक पदाधिकारी थे. उन्होंने कई जिलों में जिला जज के रूप में कार्य किया. रवि शंकर शुक्ला उन्हें अपना आदर्श मानते हैं.
जानिए, क्या है आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम
आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम नीति आयोग की एक पहल है जिसकी शुरुआत 7 जनवरी 2023 को की गई थी. इसका उद्देश्य देश के 500 पिछड़े प्रखंडों का समग्र विकास करना है.
इस कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित क्षेत्रों में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि आधारित सेवाओं के साथ-साथ आधारभूत संरचनाओं के विकास पर विशेष बल दिया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य इन क्षेत्रों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाना है.
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