- स्वास्थ्य विभाग और पिरामल फाउंडेशन का संयुक्त प्रयास—रात में आयोजित हुआ तीन दिवसीय सर्वे
पोटका : पोटका प्रखंड के घिरौल पंचायत स्थित धिरौल में फाइलेरिया की जांच को लेकर तीन दिवसीय रात्रि शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें करीब 300 लोगों का ब्लड सैंपल स्वास्थ्य विभाग और पिरामल फाउंडेशन के संयुक्त प्रयास से लिया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य फाइलेरिया के सूक्ष्म परजीवी की पहचान करना और क्षेत्र में संक्रमण की वास्तविक स्थिति का आकलन करना था। अभियान के दौरान धिरौल विद्यालय के बच्चों द्वारा जागरूकता रैली भी निकाली गई, जिसमें प्रधानाध्यापक ललन कुमार सिंह का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। मुखिया आशा रानी सरदार ने रैली में सक्रिय भागीदारी निभाई और रात्रि शिविर का उद्घाटन भी किया।
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फाइलेरिया से बचाव के लिए क्यों जरूरी है नाइट ब्लड सर्वे
मुखिया आशा रानी सरदार ने स्वयं भी जांच करवाई और ग्रामीणों को फाइलेरिया जांच के महत्व के बारे में जागरूक किया। कार्यक्रम में पिरामल फाउंडेशन की आर. अंजली ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तीन दिवसीय शिविर की अध्यक्षता पोटका के प्रभारी डॉ. रजनी महाकुड़ ने की। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एमटीएस सुनीत तिर्को, बबलू जी, देवाशीष भक्त, संजय तुषार, पलाश दिपाकर, सेविका सुमित्रा गोप और सहिया दीदियों ने अभियान में उल्लेखनीय योगदान दिया। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के सर्वे क्षेत्र में फाइलेरिया नियंत्रण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और आगे भी ऐसे कार्यक्रम जारी रहेंगे।















































