जादूगोड़ा: घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में इस बार सुदूर ग्रामीण इलाकों में भी लोकतंत्र का उत्सव देखने को मिला। मुसावनी प्रखंड के फॉरेस्ट ब्लॉक पंचायत में ग्रामीणों ने पुलिया निर्माण के आश्वासन के बाद अपने पुराने वोट बहिष्कार के फैसले को वापस ले लिया और बड़ी संख्या में मतदान किया।
नेत्राबेड़ा में 67 प्रतिशत मतदान
नेत्राबेड़ा के बूथ संख्या 231 पर कुल 739 मतदाताओं में से दोपहर ढाई बजे तक 492 मत डाले गए, जो करीब 67 प्रतिशत मतदान रहा। यही स्थिति पाटकिता बूथ पर भी देखी गई, जहां ग्रामीणों ने जोश के साथ मतदान किया।
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ग्रामीणों ने दिया विकास का संदेश
ग्रामीणों ने मतदान के जरिए सरकार और राजनीतिक दलों को साफ संदेश दिया कि स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और सड़क जैसे बुनियादी मुद्दों पर अब कोई समझौता नहीं होगा। उनका कहना था कि अगर विकास की अनदेखी हुई, तो जवाब भी मिलेगा।
महिलाओं ने निभाई दोहरी जिम्मेदारी
फॉरेस्ट ब्लॉक की महिलाएं पहले मतदान केंद्र पहुंचीं और वोट डालने के बाद खेतों में धान कटाई में जुट गईं। लोकतंत्र और श्रम का यह संगम पूरे क्षेत्र के लिए मिसाल बन गया।
शांतिपूर्ण रहा मतदान, 13 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद
घाटशिला उपचुनाव के 300 बूथों पर मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। मतदान के बाद भाजपा उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन और झामुमो प्रत्याशी सोमेश सोरेन सहित कुल 13 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला ईवीएम में बंद हो गया है। मतगणना 14 नवंबर को होगी, जिसके बाद यह तय होगा कि जीत की मुहर किस पार्टी को मिलेगी।