Jamshedpur: अल्कोर होटल में सजा उद्योग का मंथन मंच, CII Conclave में ‘मेड इन झारखंड’ को वैश्विक पहचान दिलाने का संकल्प

जमशेदपुर:  बिष्टुपुर स्थित अल्कोर होटल में सीआईआई ने “भविष्य के लिए तैयार विनिर्माण: सतत, स्मार्ट और समावेशी औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण” विषय पर झारखंड मैन्युफैक्चरिंग कॉन्क्लेव के छठे संस्करण का आयोजन किया। इस भव्य आयोजन में 150 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

उद्योग 4.0 और सतत विकास पर जोर
सम्मेलन में उद्योग जगत के दिग्गज नेताओं ने चर्चा की कि कैसे उद्योग 4.0 प्रतिस्पर्धी और लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं को बढ़ावा दे सकता है। साथ ही, सतत विनिर्माण को लाभप्रदता और पर्यावरणीय संरक्षण दोनों के लिए जरूरी बताया गया। भविष्य के लिए तैयार विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र के लिए समावेशी और कुशल कार्यबल निर्माण की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।

झारखंड की भूमिका और ‘मेड इन झारखंड’ का लक्ष्य
सीआईआई झारखंड राज्य परिषद के उपाध्यक्ष एवं वैदेही मोटर्स के निदेशक दिलू बिपिन पारिख ने सत्र का उद्घाटन करते हुए कहा कि झारखंड, भारत के विनिर्माण भविष्य में अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने डिजिटल, हरित और समावेशी — इन तीनों बदलावों को औद्योगिक विकास की कुंजी बताया और “मेड इन झारखंड” को गुणवत्ता व नवाचार का वैश्विक प्रतीक बनाने का आह्वान किया।

 

बड़े उद्योग और एमएसएमई के सहयोग की आवश्यकता
टाटा कमिंस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अजितेश मोंगा ने अपने मुख्य भाषण में स्थिरता, उद्योग 4.0 तकनीक और समावेशन आधारित विनिर्माण परिवर्तन की बात कही। उन्होंने बताया कि स्थायी प्रथाओं को प्रतिस्पर्धी लाभ में बदला जा सकता है और डिजिटल उपकरणों से सभी उद्यमों की उत्पादकता बढ़ाई जा सकती है।

झारखंड का औद्योगिक योगदान
सीआईआई झारखंड राज्य परिषद के अध्यक्ष और टाटा मोटर्स के प्लांट ऑपरेशंस प्रमुख सुनील तिवारी ने राज्य के सकल मूल्य वर्धन में 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक योगदान और देश के इस्पात उत्पादन में 20-25% हिस्सेदारी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रणनीतिक स्थान, कुशल कार्यबल और सहायक नीतियों के चलते झारखंड भविष्य के लिए तैयार विनिर्माण में अग्रणी बन सकता है।

सहयोग और नवाचार पर जोर
पूर्व अध्यक्ष रणजोत सिंह ने कहा कि विनिर्माण अब स्मार्ट, टिकाऊ और समावेशी स्वरूप ले रहा है। उन्होंने पीएलआई और ‘मेक इन इंडिया’ जैसी सरकारी पहलों का उल्लेख करते हुए तकनीक, पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सामाजिक प्रभाव के एकीकरण की आवश्यकता पर बल दिया।

रक्षा और उद्योग साझेदारी
भारतीय सेना के कर्नल रोहित गुप्ता ने राष्ट्रीय सुरक्षा क्षमता बढ़ाने के लिए उद्योग और रक्षा प्रतिष्ठानों के बीच साझेदारी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने आत्मनिर्भर रक्षा विनिर्माण के लिए सार्वजनिक-निजी सहयोग को अनिवार्य बताया।

सामूहिक प्रयास का आह्वान
टाटा हिताची के प्लांट हेड शशांक शेखर ने टिकाऊ, स्मार्ट और समावेशी विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में उद्योग, रक्षा और एमएसएमई के बीच सहयोग को अहम बताया। सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने भी अपने विचार रखे और झारखंड को वैश्विक प्रतिस्पर्धा व सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ाने पर चर्चा की।

 

 

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