
जमशेदपुर: हाथियों और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में बिजली पारेषण लाइनों की ऊंचाई बढ़ाने और वन्यजीवों के लिए सुरक्षित बुनियादी ढांचे के निर्माण पर विस्तृत चर्चा की गई. राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिला स्तर पर उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति का गठन किया गया है. इस समिति में वरीय पुलिस अधीक्षक, वन प्रमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी एवं विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है.
बैठक में उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि—
• वन क्षेत्रों में पारेषण लाइनों की ऊंचाई बढ़ाई जाए.
• इंसुलेटेड केबल का उपयोग सुनिश्चित किया जाए.
• बिजली बुनियादी ढांचे को वन्यजीव अनुकूल बनाया जाए.
• वन विभाग और विद्युत विभाग आपसी समन्वय से सुरक्षा उपाय शीघ्र लागू करें.
बैठक में मौजूद रहे प्रशासनिक अधिकारी
इस बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी सबा आलम अंसारी, अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम शताब्दी मजूमदार, रूरल एसपी ऋषभ गर्ग, एडीसी भगीरथ प्रसाद, तथा जमशेदपुर, मानगो एवं घाटशिला विद्युत प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंता समेत कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे. बैठक में वन्यजीवों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता दोहराई गई. साथ ही, यह निर्णय लिया गया कि समिति की समीक्षा बैठक प्रत्येक माह आयोजित की जाएगी ताकि सुरक्षा उपायों के कार्यान्वयन की निगरानी की जा सके. इस बैठक से वन्यजीव संरक्षण के प्रति प्रशासन की गंभीरता स्पष्ट हुई और बिजली पारेषण लाइनों के सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया गया.
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