- वर्ष 2026 में दुनिया का सबसे आशावादी उपभोक्ता बाजार बनकर उभरेगा भारत
- ग्रामीण-शहरी मांग और रिकॉर्ड उत्पादन से अर्थव्यवस्था को मिला बल
- भारत बना दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
- 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य और उसकी राह
जमशेदपुर : भाजपा किसान मोर्चा झारखंड प्रदेश के नेता एवं झारखंड राज्य समाज कल्याण आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ के संयोजक जय प्रकाश ने अंग्रेजी नववर्ष 2026 के अवसर पर समस्त देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था जिस तेज़ी से आगे बढ़ रही है, वह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि वर्ष 2026 भारत की आर्थिक उड़ान का वर्ष साबित होगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न अंतरराष्ट्रीय दस्तावेज़ों और वैश्विक आर्थिक एजेंसियों की रिपोर्टें यह दर्शा रही हैं कि भारत दुनिया के सबसे मजबूत और आशावादी उपभोक्ता बाजारों में शामिल हो चुका है। बढ़ती क्रय शक्ति, कर सुधार, सस्ते ऋण और महंगाई में भारी गिरावट ने भारत को वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक बना दिया है।
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बीसीजी रिपोर्ट में भारत दुनिया का सबसे आशावादी उपभोक्ता बाजार
जय प्रकाश ने कहा कि हाल ही में प्रकाशित बीसीजी (Boston Consulting Group) की ग्लोबल कंज़्यूमर रडार रिपोर्ट के अनुसार भारतीय उपभोक्ता मौजूदा वैश्विक आर्थिक मंदी और भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद आत्मविश्वास से भरे हुए हैं। रिपोर्ट में भारत को दुनिया का सबसे आशावादी उपभोक्ता बाजार बताया गया है। वर्ष 2025 में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की मजबूत वृद्धि ने 2026 के लिए आर्थिक विकास की ठोस नींव रख दी है। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मौद्रिक नीति में कटौती करते हुए रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत करने से बाजार में तरलता बढ़ी है और निवेश को गति मिली है। वर्तमान समय में महंगाई दर घटकर रिकॉर्ड न्यूनतम 2.2 प्रतिशत पर पहुंचना आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत है।
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रेपो रेट कटौती से आम जनता को बड़ी राहत
उन्होंने आगे कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान 7.3 प्रतिशत लगाया गया है, जबकि 2026 में इसके 7 प्रतिशत से अधिक रहने की संभावना व्यक्त की जा रही है। रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन और अच्छे मानसून ने कृषि क्षेत्र को मजबूती प्रदान की है, जिसका सीधा असर ग्रामीण मांग पर पड़ा है। वहीं शहरी क्षेत्रों में ईएमआई में संभावित कमी से खर्च योग्य आय बढ़ने की उम्मीद है। इससे बाजार में मांग बढ़ेगी और मैन्युफैक्चरिंग तथा सर्विस सेक्टर को नई ऊर्जा मिलेगी। रिजर्व बैंक द्वारा बैंकिंग सिस्टम में 3 लाख करोड़ रुपये की तरलता डालने का निर्णय आर्थिक रफ्तार को बनाए रखने में सहायक सिद्ध होगा।
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मानसून और कृषि उत्पादन से मजबूत हुई ग्रामीण अर्थव्यवस्था
जय प्रकाश ने गर्व के साथ कहा कि वर्तमान समय में भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का स्थान प्राप्त कर लिया है। यह उपलब्धि भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के निरंतर और अथक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं, ट्रंप टैरिफ जैसे मुद्दों और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया है। सरकार का लक्ष्य 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में खड़ा करना है, जिसके लिए डबल डिजिट आर्थिक विकास दर हासिल करने की दिशा में लगातार प्रयास जारी हैं। जय प्रकाश ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे इस राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति में अपना योगदान दें।






















































