सड़क के दोनो ओर खड़े रहते है भारी वाहन,पुलिस बनी मूकदर्शक
जमशेदपुरः औद्योगिक नगरी होने के कारण शहर में प्रतिदिन हजारों की संख्या में भारी वाहनों का आवागमन होता है. ऐसे में भारी वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने के कारण शहर में मुख्य सड़क के किनारे भारी वाहनों का खड़ा रहना कोई नई बात नहीं है. जिसके कारण अक्सर शहर में सड़क हादसे होते है. जिसमें लोगों की मौंते भी होती है. जब शहर में कोई बड़ा हादसा होता है और लोग विरोध करते हैं तो जिला प्रशासन की कुंभकर्णी नींद टुटती है,और कुछ दिन तक सड़क के किनारे खड़े भारी वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया जाता है. उसके बाद फिर वहीं ढ़ाक के तीन.
कब बदलेगी जेम्को से अन्ना चौक सड़क की सूरते हाल
शहर में मुख्यतः सड़क की रखरखाव एवं मरम्मत की जिम्मेदारी टाटा स्टील यूटिलिटी इंफास्ट्रक्चर सर्विस लिमिटेड(पूर्व में जुस्को) की है. लेकिन जेम्को से अन्ना चौक तक की सड़क के प्रति टीएसयूआइएसएल शुरू से ही उदासीन रहा है. जबकि इस सड़क के किनारे लगभग आधा दर्ज कंपनी स्थित है. इसी सड़क का उपयोग कंपनी के कर्मचारियों द्वार प्रतिदिन किया जाता है. वहीं गोविंदपुर,राहरगोड़ा,बावगोड़ा के लोगों के लिए तो यह सड़क लाइफ लाइन है. उसके बावजूद इस सड़क पर ना तो स्ट्रीट लाइट है और ना ही वाहनों की गति सीमा को लेकर कोई साइनेज लगा हुआ है. स्थापना दिवस पर जब पूरे शहर के सड़को का रंग रोगन कर उसको चमकाया जाता है, उस समय भी टीएसयूआइएसएल द्वारा इस सड़क के साथ सौतेला व्यवहार किया जाता है. महत्वपूर्ण बात यह है कि इस मामले में जिला प्रशासन के साथ ही जनप्रतिनिधि में मौन धारण किए रहते है. इस क्षेत्र के लोगों ने रडार न्यूज 24 के साथ अपना दर्द साझा किया. आइए जानते है कि इस क्षेत्र के लोग क्या कहते है…….
सड़क पर खड़े वाहनो को लेकर पुलिस की चुप्पी पर संदेह होता है – बिजू
उत्तर पूर्व गदड़ा पंचायत के पूर्व उपमुखिया बिरजू पात्रो का कहना है कि गोविंदपुर – जेम्को सड़क मौत का सड़क बन गया है. कब कौन हाईवा, डंफर और भारी वाहन के चपेट आकर जान गवां दे, कहा नहीं जा सकता है. कई लोग अबतक इस सड़क पर जान गवां चुके हैं. पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बनी है. शहर में सड़कों पर आमजनों पर शक्ति बरतने वाली पुलिस इस सड़क पर अवैध पार्किंग पर चुप क्यों रहती है?

कितने मौतों के बाद जागेगी जिला प्रशासन -राकेश
पूर्व सैन्य अधिकारी राकेश चौधरी का कहना है कि जमशेदपुर में ट्राफिक व्यवस्था और यहां पुलिस की कार्रवाई पर लोग सवाल खड़े करते हैं. वरीय अधिकारियों को जेम्को गोविंदपुर सड़क पर ध्यान देना चाहिए. इस सड़क पर अवैध पार्किंग को शह कौन दे रहा है ? यह बड़ा सवाल है. जेम्को चौक के पास बड़ा भू-खंड अन उपयोगी पड़ा है. उसे समतल कर न्यूनतम दर पर उसमें बड़ी वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था होनी चाहिए. मैंने अपना एक साथी प्रजापति को खोया हैं. जेम्को डीवीसी के पास एक बड़ी वाहन ने मेरे मित्र को रौंद दिया था. शव प्लास्टिक में चुनकर उठाया गया था. आखिर कितने मौतों के बाद जागेगी यहां का जिला प्रशासन?

जिला के आला अधिकारी इस सड़क करे मुआयना – रोहित
रोहित चौधरी का कहना है कि मैं दिन भर में दो बार आने जाने के लिए सप्ताह में छह दिन इस सड़क का उपयोग करता हूं. सड़क पर बड़ी गाड़ियों की पार्किंग, सड़क पर मिट्टी धूल का उड़ना परेशानियों को दोगुना कर देता है. डीसी साहब से अनुरोध है कि वो स्वयं दोपहिया वाहन से आकर जेम्को से अन्ना चौक तक का मुआयना कर लें. सारी असलियत मालूम चल जाएगा. अगले दिन भी रहेगा जारी ….

इसे भी पढ़ेंः Jamshedpur : जेम्को सड़क दुर्घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने किया सड़क जाम, की आगजनी
There is no ads to display, Please add some



















































