देवघर: शहर के बंधा मोहल्ला निवासी और किन्नर समाज की गधिपति (मालकिन) रोज मौसी को प्रयागराज के महाकुंभ में किन्नर अखाड़ा/पंचदशनाम जूना अखाड़ा का महामंडलेश्वर बनाया गया है. यह उपाधि उन्हें झारखंड राज्य स्तर पर दी गई है. रोज मौसी मां डॉ. लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी की शिष्या हैं.
शाही स्नान का आयोजन
महाकुंभ में रोज मौसी ने सभी महामंडलेश्वर के साथ शाही स्नान किया. इस अवसर पर वे रथ पर सवार होकर संगम तट पर पहुंची. रोज मौसी ने समाजसेवा के माध्यम से देवघर में एक विशेष पहचान बनाई है.
समाज सेवा का योगदान
गरीब कन्याओं का विवाह, मृत्युभोज में आर्थिक सहयोग, छठ पूजा में व्रतियों को साड़ी-धोती बांटना और अनाथों को गोद लेकर उनका लालन-पालन करने जैसे कार्यों के जरिए उन्होंने समाज में समानता का संदेश दिया है. हाल ही में, रोज मौसी बंधा मोहल्ले में आयोजित यज्ञ और कलश यात्रा में किन्नरों की टोली के साथ शामिल हुई थीं.
प्रशंसा की लहर
उनके महामंडलेश्वर बनने के बाद उनके चाहने वालों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई है.
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