नई दिल्ली: भारत सरकार ने पासपोर्ट से जुड़ी एक अहम प्रक्रिया को आसान बना दिया है. अब पति-पत्नी को अपने जीवनसाथी का नाम पासपोर्ट में जुड़वाने के लिए विवाह प्रमाणपत्र (मैरिज सर्टिफिकेट) की अनिवार्यता नहीं रहेगी. इस बदलाव से लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
अब नहीं मांगा जाएगा मैरिज सर्टिफिकेट
अब तक पासपोर्ट में जीवनसाथी का नाम जोड़ने के लिए विवाह प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य था. लेकिन देश के कई राज्यों—विशेषकर उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में—आज भी विवाह प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया आम नहीं है. इस कारण लोगों को पासपोर्ट बनवाते समय कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था.
नया विकल्प: स्वघोषणा प्रमाणपत्र
अब विदेश मंत्रालय ने एक नया विकल्प पेश किया है. इसके अनुसार पति-पत्नी Annexure J के माध्यम से स्वघोषणा पत्र भरकर पासपोर्ट आवेदन में जीवनसाथी का नाम जोड़ सकेंगे. इस फॉर्म में दोनों की संयुक्त फोटो और हस्ताक्षर होंगे.
क्या होगा Annexure J में?
Annexure J में आवेदक को निम्नलिखित चीजें शामिल करनी होंगी:
शादी की एक फोटो
पति-पत्नी की जॉइंट फोटो
दोनों के हस्ताक्षर
आवश्यक व्यक्तिगत विवरण
इस डॉक्यूमेंट को ही वैकल्पिक मैरिज सर्टिफिकेट के रूप में स्वीकार किया जाएगा.
क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?
इस निर्णय से उन लोगों को खास राहत मिलेगी जो नौकरी, उच्च शिक्षा या किसी अन्य कारण से विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं. विवाह प्रमाणपत्र की अनिवार्यता हटने से पासपोर्ट प्रक्रिया अब सरल और सुलभ हो गई है.
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