सरायकेला: चांडिल के कान्दरबेड़ा सामुदायिक भवन में आज ग्राम सभा अधिकार मंच झारखंड का पुनर्गठन किया गया. जल जंगल जमीन रक्षा करने के उद्देश्य से नई गठित कमिटी में बाबु राम सोरेन को मंच के मुख्य संयोजक, रविन्द्र नाथ सिंह को सह संयोजक, बनमाली हांसदा को संरक्षक एवं परशुराम बेसरा को उप संरक्षक पद की कमान सौंपी गई. इसके अलावा सुनिल मार्डी, बबलू सोरेन, सुदन टुडू, एवं फागुराम सोरेन सदस्य के रूप में चुने गए.
ग्राम सभा अधिकार मंच एक ऐसा मंच है जो जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत बनाता है. यह मंच गाँव के सभी मतदाताओं को स्थानीय शासन, विकास योजनाओं और सार्वजनिक कार्यक्रमों पर चर्चा करने, निर्णय लेने तथा निगरानी करने की अनुमति देता है। साथ ही यह मंच पंचायतों को ग्रामीणों के प्रति जवाबदेह भी बनाता है, ताकि लोगों की सामुदायिक जरूरतें पूरी हो सकें। ग्राम सभा मंच के मुख्य कार्य जल, जंगल, जमीन और कानून की रक्षा करना, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना, सामुदायिक कल्याण करना, वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करना तथा सामाजिक सद्भाव और विकास को बढ़ावा देना है।
ग्राम सभा अधिकार मंच के प्रमुख कार्य
योजना और विकास: गाँव के लिए आवश्यकता-आधारित योजनाओं पर चर्चा करना और उन्हें बनाना, जैसे सामुदायिक कल्याण के कार्यक्रम।
निगरानी और जवाबदेही: ग्राम पंचायत के कार्यों जैसे वित्तीय मामलों और कार्यक्रमों के कार्यान्वयन की निगरानी करना और जवाबदेही सुनिश्चित करना।
पारदर्शिता: ग्राम पंचायत के बजट एवं लेखापरीक्षा रिपोर्ट की समीक्षा तथा अनुमोदन करना।
सशक्तिकरण: समुदाय को अपनी चिंताओं को व्यक्त करने और स्थानीय मुद्दों को संबोधित करने के लिए एक मंच प्रदान करना।
सामाजिक सद्भाव: गाँव के सभी वर्गों के बीच एकता और सद्भाव को बढ़ावा देना।
मौके पर रविन्द्र नाथ सिंह, फागुराम सोरेन, परशुराम बेसरा, सुदन, बनमाली, सुनिल मार्डी, बिजय मुर्मू आदि उपस्थित थे।















































