नई दिल्ली: आज शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन है। यह दिन मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है। ब्रह्मचारिणी का अर्थ है तप का आचरण करने वाली। इन्हें तप, संयम और सदाचार की देवी माना जाता है। मान्यता है कि इनकी पूजा से त्याग, वैराग्य और आत्मबल की प्राप्ति होती है। पूजा के समय तामसिक चीजों से परहेज करें और किसी महिला का अपमान न करें। पवित्रता का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है।
ध्यान मंत्र
दधाना कर पद्माभ्यामक्षमाला कमण्डलू।
देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥
स्तुति मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
मां ब्रह्मचारिणी का भोग
मां ब्रह्मचारिणी को मीठी चीजें विशेष रूप से प्रिय हैं। इस दिन मिश्री और पंचामृत का भोग लगाया जाता है। मान्यता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि आती है और परिवार में प्रेम बढ़ता है।
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