देवघर: अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन रविवार को जगन्नाथ पुरी में संपन्न हुआ. इस अधिवेशन के दूसरे दिन राष्ट्रीय कार्यकारिणी और कार्यसमिति की बैठक में महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनोद दत्त द्वारी (देवघर) ने श्री बैद्यनाथ मंदिर के सरदार पंडा (महंथ) को उनके अधिकार दिलाने के लिए एक जोरदार प्रस्ताव रखा.
सार्वजनिक मांग
विनोद दत्त द्वारी ने बताया कि वर्ष 2019 में श्राईन बोर्ड की बैठक में मंदिर के आंतरिक व्यवस्था संचालन का निर्णय लिया गया था, लेकिन छह वर्ष बीत जाने के बावजूद प्रशासन ने इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है. इसके कारण बैद्यनाथ आने वाले तीर्थ यात्रियों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है.
मुख्यमंत्री और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन
इस मुद्दे पर झारखंड के मुख्यमंत्री और बैद्यनाथधाम, बासुकीनाथधाम, तीर्थ क्षेत्र विकास प्राधिकरण को पत्र और ज्ञापन भी सौंपे गए थे, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है. विनोद दत्त द्वारी ने इस विषय को महासभा के एजेंडे में शामिल करने का आग्रह किया, जिस पर बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने समर्थन किया.
प्रस्ताव पर महासभा का निर्णय
महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामकृष्ण तिवारी ने बैठक में कहा कि यदि समय रहते प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता, तो महासभा के सभी पदाधिकारी और सदस्य बैद्यनाथधाम में पहुंचकर इसका विरोध प्रदर्शन करेंगे. उन्होंने कहा कि इस आंदोलन की नैतिक जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी.सम्मेलन में देवघर से पन्नालाल मिश्र, राजकुमार मिश्र, बबलूराज जजवाड़े और दो दर्जन से अधिक तीर्थ पुरोहित भी शामिल हुए.
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