पश्चिमी सिंहभूम: पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित प्रकोष्ठ में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त कुलदीप चौधरी की अध्यक्षता में एवं पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर की उपस्थिति में कारा सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में सिविल सर्जन, सदर चाईबासा व पोड़ाहाट-चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सामान्य शाखा प्रभारी, कारा अधीक्षक, स्पेशल ब्रांच के पुलिस उपाधीक्षक, कार्यपालक अभियंता (भवन प्रमंडल) एवं नगर परिषद चाईबासा के नगर प्रबंधक उपस्थित रहे.
बैठक में कारा सुरक्षा ऑडिट, आधारभूत संरचना, पेयजल आपूर्ति, सीसीटीवी/स्कैनिंग मशीन क्रियान्वयन और साफ-सफाई समेत विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई. उपायुक्त ने निर्देश दिया कि कारा सुरक्षा समिति की बैठक प्रत्येक माह नियमित रूप से निर्धारित तिथि को आयोजित की जाए.
कैदियों की सुरक्षा और मुलाकात प्रक्रिया को लेकर निर्देश
उपायुक्त ने कारा अधीक्षक को निर्देश दिया कि जेल में बंद कैदियों से मुलाकात हेतु कारा अधिनियम के तहत दिए गए निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन हो. बंदियों के निकटतम संबंधी अथवा उनके वकील को सप्ताह में एक बार मुलाकात की अनुमति दी जाए. साथ ही, जेल में प्रवेश के दौरान बंदी और उनके सामान की स्कैनिंग मशीन से जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए.
आधारभूत संरचना और जल आपूर्ति व्यवस्था पर निर्णय
मंडल कारा में मौजूद भवनों की स्थिति को लेकर कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया गया कि भवन संबंधी खामियों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए. जर्जर पानी टंकी को निष्प्रयोज्य घोषित कर ध्वस्त करने का भी आदेश दिया गया, ताकि किसी अप्रिय घटना की संभावना न रहे. इसके अतिरिक्त, आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक प्राक्कलन तैयार कर 20 दिनों के भीतर संबंधित विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया.
सीसीटीवी और वायरलेस सेट की कार्यप्रणाली होगी सुनिश्चित
बैठक में बताया गया कि मंडल कारा में कुल 175 सीसीटीवी कैमरे स्थापित हैं. उपायुक्त ने निर्देश दिया कि इन कैमरों की समय-समय पर जांच कर उनकी कार्यप्रणाली को दुरुस्त रखा जाए. सीसीटीवी अधिष्ठापन में संलग्न एजेंसी को नियमित निरीक्षण करने के लिए सूचना प्रेषित की जाए. साथ ही, जेल में मौजूद सभी वायरलेस सेट भी पूरी तरह से क्रियान्वित रहें, यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए.
इस बैठक में जेल की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिससे बंदियों एवं जेल प्रशासन दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.
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