पश्चिम सिंहभूम: झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के तत्वावधान में गुवा में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर भव्य रैली व जनसभा का आयोजन हुआ. मजदूरों के अधिकारों की आवाज बुलंद करते हुए यह आयोजन एक संगठित और जागरूक वर्ग की ताकत को दर्शाता है.
“मजदूरों के बिना नहीं बन सकता विकसित भारत”
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि— “मजदूर ही किसी देश की असली रीढ़ होते हैं. वे अपने खून-पसीने से विकास की नींव रखते हैं, लेकिन आज भी उनका शोषण जारी है.”
उन्होंने विशेष रूप से गुवा सेल खदान में हो रहे मजदूर शोषण की आलोचना की और चेतावनी दी कि संघ इसे कभी बर्दाश्त नहीं करेगा. आवश्यकता पड़ी तो सेल का चक्का जाम भी किया जाएगा.
बिरसा चौक से उठी आवाज, सेल क्लब तक पहुँची
कार्यक्रम की शुरुआत गुवा रेलवे मार्केट स्थित संघ कार्यालय से रैली के रूप में हुई. रैली में ‘मजदूर एकता ज़िंदाबाद’, ‘शोषण बंद करो’, जैसे नारों की गूंज रही.
रैली बिरसा चौक पहुँची, जहाँ भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई. इसके बाद रैली सेल क्लब परिसर में जनसभा में तब्दील हो गई.
मंच पर एकजुट हुए श्रम हितैषी
सभा के मंच पर केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे के साथ नोवामुंडी की जिला परिषद सदस्य देवकी कुमारी, महामंत्री अंतर महाकुड़, समाजसेवी नाज़ीर खान, उपाध्यक्ष चंद्रिका खंडाईत, और शिक्षक नूतन सुंडी उपस्थित थे.
सभी ने बिरसा मुंडा के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण किया. इसके पश्चात विभिन्न वक्ताओं ने मजदूरों के अधिकारों और संघर्षों पर अपने विचार रखे.
सम्मान और सामूहिक भोज के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के अंत में विशिष्ट सेवा देने वाले मजदूरों को उपहार देकर सम्मानित किया गया. तत्पश्चात सभी उपस्थित लोगों के लिए सामूहिक भोज का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में मजदूरों ने सहभागिता की.
मौके पर राजेश यादव, संजय सांडिल, संजय बहादुर, किशोर सिंह, आरती होरो, बसंती देवी, अभय राम समेत बड़ी संख्या में मजदूर उपस्थित रहे.
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