Jhargram : झाड़ग्राम, पुरूलिया व बांकुड़ा में बालू मूल्य निर्धारण की मांग, जंगल महल स्वराज मोर्चा ने मुख्यमंत्री को ई-मेल भेजकर कार्रवाई की मांग की

झाड़ग्राम : जंगलमहल स्वराज मोर्चा (जेएसएम) ने झाड़ग्राम, पुरुलिया और बांकुड़ा जिलों में बालू की कीमतों को लेकर उत्पन्न स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। संगठन ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को ई-मेल के माध्यम से ज्ञापन भेजकर बालू मूल्य निर्धारण में पारदर्शिता, वैध बालू खनन की प्रभावी निगरानी तथा जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) निधि के उचित उपयोग की मांग की है।
जंगलमहल स्वराज मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष अशोक महतो ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में विभिन्न मीडिया रिपोर्टों और जनप्रतिनिधियों के बयानों से लोगों को जानकारी मिली है कि झाड़ग्राम, पुरुलिया और बांकुड़ा जिलों के लिए बालू की कीमतें निर्धारित कर दी गई हैं। लेकिन आम नागरिकों का आरोप है कि निर्धारित दरों पर बालू उपलब्ध नहीं हो रहा है। इससे उपभोक्ताओं, मकान निर्माण कराने वाले लोगों, छोटे व्यवसायियों और किसानों के बीच भ्रम और असंतोष का माहौल पैदा हो गया है।

संगठन ने मांग की है कि सरकार आधिकारिक बालू दरों को स्पष्ट रूप से अधिसूचित कर व्यापक प्रचार-प्रसार करे तथा यह सुनिश्चित करने के लिए मजबूत निगरानी व्यवस्था लागू करे कि बालू निर्धारित कीमतों पर ही बेचा जाए। साथ ही स्वीकृत पट्टा क्षेत्र से बाहर बालू खनन रोकने और अवैध खनन व परिवहन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग की गई है। ज्ञापन में बालू खनन से प्राप्त रॉयल्टी राजस्व की वसूली और उसके उपयोग में पूर्ण पारदर्शिता लाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।

संगठन ने कहा कि जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) के माध्यम से प्राप्त धनराशि का उपयोग स्थानीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, पेयजल व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण, आधारभूत संरचना विकास तथा रोजगार सृजन जैसे कार्यों में किया जाना चाहिए। जंगलमहल स्वराज मोर्चा का कहना है कि बालू एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन है, जिसका सीधा संबंध आवास निर्माण और विकास कार्यों से जुड़ा हुआ है। इसलिए बालू की कीमतों में पारदर्शिता, पर्यावरण संरक्षण, वैध खनन की प्रभावी निगरानी तथा

खनिज संसाधनों से प्राप्त राजस्व का जनकल्याणकारी उपयोग सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।संगठन ने आशा व्यक्त की है कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर शीघ्र आवश्यक कदम उठाते हुए उपभोक्ताओं और स्थानीय समुदायों के हितों की रक्षा के लिए स्पष्ट एवं प्रभावी नीति लागू करेगी।

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