डिमना ओल्ड एज होम में रह रहे वरिष्ठ नागरिकों को दी गई कानूनी जानकारी
जमशेदपुर : नालसा एवं झालसा के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार जमशेदपुर द्वारा 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता अभियान के तहत मंगलवार को डिमना स्थित ओल्ड एज होम में कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी ने वृद्ध लोगों को उनके अधिकारों, भरण पोषण, पेंशन स्कीम और निःशुल्क कानूनी सहायता योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही साइबर क्राइम के बारे में भी बताया। डालसा सचिव ने कहा सीनियर सिटीजन एक्ट लागू हो जाने से अब आपके अधिकार का कोई भी हनन नहीं कर सकता है। यदि कोई वरिष्ठ नागरिक अपनी आय या संपत्ति से अपना खर्च उठाने में असमर्थ है, तो वे अपने वयस्क बच्चों (पुत्र/पुत्री) या रिश्तेदारों से भी भरण-पोषण (मासिक भत्ता) की मांग कर सकते हैं। इस कानून के तहत आपके समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा। वहीं लीगल एड डिफेंस कौंसिल के चीफ विदेश सिन्हा ने बताया कि 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी भारतीय नागरिकों को उनके बच्चों या कानूनी उत्तराधिकारियों से आर्थिक और शारीरिक सुरक्षा प्राप्त करने का कानूनी अधिकार प्रदान करता है। वरिष्ठ नागरिकों की जानबूझकर उपेक्षा करना या उन्हें बेसहारा छोड़ना एक दंडनीय अपराध है, इसमें दोषी पाए जाने पर कठोर दंड देने का भी प्रावधान है। उन्होंने बताया कि डालसा के माध्यम से आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर व वंचित लोगों तक न्याय पहुंचाना है हमारा उद्देश्य, ताकि वे अपने अधिकारों का सही उपयोग कर सकें और विकास के मुख्य धारा से जुड़ सकें। कार्यक्रम के दौरान ओल्ड एज होम में रहने वाले सभी वृद्ध महिलाओं एवं पुरुषों ने डालसा सचिव के सामने एक एक करके अपने अनुभव भी शेयर किए। डालसा सचिव ने कार्यक्रम के पश्चात ओल्ड एज होम का निरीक्षण भी किया । इस दौरान उन्होंने वहां रहने वाले वृद्धों के रहन सहन, खान पान, किचेन, शयन कक्ष सहित अन्य सारे व्यवस्थाओं का गहनता से निरीक्षण की। जागरूकता कार्यक्रम में लीगल एड डिफेंस कौंसिल के सदस्य रंजना पांडेय, पीएलवी प्रकाश मिश्रा सहित अन्य उपस्थित थे।
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