पश्चिम सिंहभूम: गुवा क्षेत्र में अंकुवा मोड़ से चिड़िया माइंस तक जाने वाली सड़क विगत 25 वर्षों से जर्जर हालत में है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग अब “मृतप्राय स्थिति” में पहुंच चुका है, लेकिन किसी भी सरकार ने इसे सुधारने की दिशा में अब तक ठोस कदम नहीं उठाया है. क्षेत्रीय जनता का कहना है कि झारखंड अलग राज्य बनने के बाद भी यहां के लोगों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं. लोगों ने आरोप लगाया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की सरकार केवल जल, जंगल और जमीन की बातें करके जनता को गुमराह कर रही है, जबकि विकास के नाम पर ज़मीनी स्तर पर कुछ नहीं हो रहा.
राजस्व ग्राम में शामिल नहीं कोई भी गांव
स्थानीय निवासियों ने यह भी बताया कि मनोहरपुर क्षेत्र के किसी भी गांव को आज तक राजस्व ग्राम का दर्जा नहीं मिला है, जिससे विकास योजनाएं उन तक नहीं पहुंच पा रही हैं. इसका सीधा असर शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार जैसे अहम मुद्दों पर पड़ रहा है. गांगद पंचायत के मुखिया राजू साडिल ने सरकार से अपील की है कि वह चिड़िया माइंस तक की इस जर्जर सड़क को अविलंब बनाने की दिशा में ठोस पहल करे. उन्होंने कहा कि यह मार्ग स्थानीय लोगों की सबसे बड़ी परेशानी का कारण बना हुआ है और सरकार को जनकल्याणकारी रवैया अपनाकर इसे प्राथमिकता देनी चाहिए.
इसे भी पढ़ें : West Singhbhum: माइंस में बाहरी नियुक्तियों पर बामिया माझी का बड़ा बयान– रोजगार हमारा अधिकार है
There is no ads to display, Please add some



















































