जमशेदपुर: पोटका प्रखंड के ग्राम रांगामटिया निवासी कालीचरण सरदार के पुत्र समीर सरदार की तबीयत अचानक बिगड़ने पर उन्हें टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) में भर्ती कराया गया. अस्पताल प्रशासन ने समीर के इलाज के लिए कुल ₹1,33,286 का बिल जारी किया, जिसमें परिजनों ने बड़ी कठिनाई से ₹85,966 का भुगतान किया.
लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी के चलते शेष ₹47,320 की राशि चुकाना उनके लिए संभव नहीं था. परिणामस्वरूप, अस्पताल प्रबंधन ने समीर सरदार को छुट्टी देने से मना कर दिया, जिससे परिवार मानसिक तनाव में आ गया.
विधायक के हस्तक्षेप से मरीज को मिली राहत
इस विषम परिस्थिति में मरीज के परिजनों ने पोटका विधायक संजीव सरदार से सहायता की गुहार लगाई. विधायक ने त्वरित संज्ञान लेते हुए स्वयं अस्पताल प्रबंधन से संपर्क साधा और संवेदनशील हस्तक्षेप के माध्यम से शेष ₹47,320 की बकाया राशि माफ करवाई.
उनके प्रयासों से मरीज को अस्पताल से छुट्टी मिल सकी और परिवार को राहत की सांस मिली.
परिजनों ने विधायक सरदार के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके इस मानवीय कदम ने उनके परिवार को एक नई उम्मीद दी है. भावुक स्वर में उन्होंने कहा — “जब संजीव सरदार जैसे जनप्रतिनिधि समाज में हों, तो कोई भी जरूरतमंद बेसहारा नहीं रह सकता.”
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