जमशेदपुर: झारखंड में प्रस्तावित छह नए मेडिकल कॉलेजों की योजना को लेकर पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा को पत्र भेजकर अनुरोध किया है कि इनमें से एक “एम्स-जैसे सुपर स्पेशियलिटी संस्थान” की स्थापना जमशेदपुर में की जाए। मारवाड़ी सम्मेलन के महासचिव प्रदीप कुमार मिश्रा ने पत्र में कहा है कि जमशेदपुर, झारखंड का सबसे बड़ा और सर्वाधिक घनत्व वाला औद्योगिक नगर है, जहां न केवल राज्य भर से बल्कि देश के अन्य हिस्सों से भी लोग रोजगार के लिए आते हैं। इसके बावजूद यहां की चिकित्सा सेवाएं सीमित हैं और टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) सहित कुछ निजी अस्पतालों पर ही निर्भर हैं। गंभीर बीमारियों के लिए आधुनिक तकनीकों और विशेषज्ञ डॉक्टरों का अभाव महसूस किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर झारखंड को देवघर एम्स और बिहार को पटना एम्स का लाभ मिल रहा है, लेकिन कोल्हान क्षेत्र, दक्षिण झारखंड और उत्तर ओडिशा के लाखों लोगों को अब भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में जमशेदपुर, अपनी केंद्रीय स्थिति, सामाजिक संरचना और औद्योगिक महत्त्व के कारण एक एम्स-जैसे संस्थान के लिए सबसे उपयुक्त स्थान है। सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने भी इसी मांग का समर्थन करते हुए राज्य सरकार से अनुरोध किया है। जिला मारवाड़ी सम्मेलन ने दोहराया कि यदि जमशेदपुर में एम्स स्तर का संस्थान स्थापित होता है, तो यह पूरे क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी निर्णय होगा। प्रदीप मिश्रा ने पत्र में विश्वास जताया है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री इस महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दे पर गंभीरता से विचार करेंगे और जमशेदपुर को एक अत्याधुनिक चिकित्सा संस्थान से सशक्त करने की दिशा में आवश्यक पहल करेंगे।
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