जमशेदपुर: अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद द्वारा आर्मी कैंप में आर्म्ड फोर्स वेटरन्स डे मनाया गया. इस आयोजन में जिला सैनिक कल्याण केंद्र चाईबासा के पदाधिकारी कर्नल किशोर और 220 फील्ड रेजीमेंट के अधिकारियों ने सहयोग किया. कार्यक्रम में लगभग 90 पूर्व सैनिक और कई सेना के अधिकारी शामिल हुए.

वेटरन्स डे का महत्व
कार्यक्रम के मंच संचालक सरदिंदु शेखर ने वेटरन्स डे के इतिहास पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि 1953 में इसी दिन भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ, फील्ड मार्शल के एम करिअप्पा, ने औपचारिक रूप से सेवानिवृत्त होने की घोषणा की थी. पहला वेटरन डे 14 जनवरी 2016 को मनाया गया था, और रक्षा मंत्रालय ने इस दिन को हर साल पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान में मनाने का निर्णय लिया. कार्यक्रम में कर्नल बसु, पेटी ऑफिसर सुखविंदर सिंह, हवलदार अवधेश कुमार, हवलदार सतनाम सिंह, सूबेदार शैलेंद्र कुमार, सर्जेंट प्रमाणिक को सम्मानित भी किया गया.

कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और जनरल करियप्पा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करके की गई. उपस्थित सभी पूर्व सैनिकों ने सेना से जुड़ी अपनी यादें साझा कीं. कर्नल किशोर ने कहा कि राष्ट्र की सेवा करने वाले गौरवशाली सेनानियों की सेवा करने का अवसर पाना एक सम्मान है.
सेवानिवृत्त सैनिकों की देखभाल
कर्नल किशोर ने यह भी बताया कि सैनिकों और उनके परिवारों के सेवानिवृत्त जीवन में समस्याओं का समाधान करना हमारी प्रमुख जिम्मेदारी है. 220 फील्ड रेजीमेंट के कर्नल अमित भारद्वाज ने सभी को वेटरन्स डे की शुभकामनाएं देते हुए सेना के महत्व पर प्रकाश डाला.
सम्मानित पूर्व सैनिक
कार्यक्रम में जनरल पी सभरवाल, ब्रिगेडियर सीएस वैद्यनाथन, ब्रिगेडियर आरवी सिंह, कमांडर संजीव रमन, कर्नल नाथ और अन्य पूर्व सैनिक उपस्थित थे.
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