बहरागोड़ा: शुक्रवार को सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बहरागोड़ा में रक्षाबंधन का पर्व पूरे उल्लास और भावनात्मक वातावरण में मनाया गया। हालांकि रक्षाबंधन 9 अगस्त को है, लेकिन विश्व आदिवासी दिवस के कारण उस दिन विद्यालय बंद रहेगा, इसलिए यह उत्सव एक दिन पहले आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सभी छात्राओं ने कतारबद्ध होकर भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और उनके दीर्घायु, बुद्धिमत्ता और सशक्त नागरिक बनने की कामना की। भाईयों ने भी अपनी बहनों की सुरक्षा और प्रगति में साथ निभाने का वचन दिया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं संकुल प्रमुख अशोक कुमार नायक ने बच्चों को रक्षाबंधन के महत्व पर सरल शब्दों में समझाया। उन्होंने कहा, “यह पर्व सिर्फ भाई-बहन का नहीं, बल्कि समाज में एक-दूसरे की रक्षा और स्नेह का प्रतीक है। हम जिसे अपनी रक्षा का पात्र मानते हैं, या जिनकी रक्षा करना चाहते हैं, उन्हें रक्षा सूत्र बांधकर जीवन भर साथ निभाने का संकल्प लेते हैं।”
कार्यक्रम में शिक्षक हरिहर माईति, राखहरि कुंडू, मानिक मान्ना, गौरांग राणा और दिती मिश्र के साथ कुछ विद्यार्थियों ने भी रक्षाबंधन से जुड़े अपने विचार और अनुभव साझा किए। सभी ने इस पर्व को भाईचारे, सामाजिक समरसता और भारतीय संस्कृति का प्रतीक बताया।
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