
रांची: नगड़ी स्थित रिम्स-2 की विवादित भूमि को लेकर तनाव और बढ़ गया है। इसी जमीन पर रविवार सुबह 11:30 बजे पूर्व मुख्यमंत्री और आदिवासी नेता चंपई सोरेन “हल चलाओ, रूपा रूपो” कार्यक्रम करने जा रहे हैं। उनके आह्वान के बाद प्रशासन ने इलाके को कड़ी सुरक्षा घेरे में ले लिया है।
कार्यक्रम से पहले पिठौरिया चौक पर बैरिकेडिंग की गई है और आसपास पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है। ड्रोन से लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर भी प्रशासन खास नजर रख रहा है।
यह भूमि विवाद लंबे समय से जारी है। सरकार ने यहां रिम्स-2 बनाने का प्रस्ताव रखा है, लेकिन आदिवासी संगठनों का दावा है कि यह उनकी पुश्तैनी जमीन है। उनका कहना है कि यह केवल जमीन का नहीं, बल्कि अस्तित्व और अस्मिता का सवाल है। चंपई सोरेन के आह्वान पर कई संगठन कार्यक्रम में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं।
प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इधर, इस पूरे मामले ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है। आदिवासी संगठन और नेता सरकार पर हक़ों की अनदेखी का आरोप लगा रहे हैं, जबकि सरकार का कहना है कि विकास कार्यों को रोका जा रहा है। विपक्ष भी इस विवाद को बड़ा मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
इसे भी पढ़ें : “संस्कृत का एक अक्षर बोलकर दिखाएं” – रामभद्राचार्य ने प्रेमानंद महाराज को दी खुली चुनौती