खड़गपुर: रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और अपराध जांच ब्यूरो (सीआईबी) की संयुक्त टीम ने 18 सितंबर को भद्रक-खड़गपुर पैसेंजर ट्रेन (संख्या 68050) में अभियान चलाकर 17 मुलायम कवच वाले संरक्षित कछुए बरामद किए। इस दौरान दो तस्करों को गिरफ्तार कर वन विभाग को सौंप दिया गया।
सीआईबी खड़गपुर के सहायक उपनिरीक्षक जी. बेहरा ने खंटापाड़ा-नीलगिरी सेक्शन में ट्रेन के दरवाजे के पास दो संदिग्ध यात्रियों को देखा। जांच में उनके बैग से 17 जीवित कछुए मिले। आरोपी कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
समा दलेई (58 वर्ष), निवासी तिमा, थाना खंटापाड़ा, जिला बालेश्वर (ओडिशा)
जदुआ सिंह (35 वर्ष), निवासी बसंतपुर, थाना बालेश्वर सदर, जिला बालेश्वर (ओडिशा)
दोनों को कछुओं सहित बालेश्वर स्टेशन पर उतारकर आरपीएफ पोस्ट ले जाया गया। बाद में वन्यजीव रेंज चांदीपुर की टीम ने बरामद कछुओं और आरोपियों को कब्जे में लिया।
आरोपियों पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 39, 44 और 50 के तहत मामला दर्ज किया गया है। जब्त कछुए ‘सॉफ्ट-शेल्ड टर्टल्स’ प्रजाति के हैं, जो अनुसूची-I में आते हैं और IUCN रेड लिस्ट में संकटग्रस्त घोषित हैं।
आरपीएफ और सीआईबी की टीम ने बताया कि यह कार्रवाई डीआई/सीआईबी और पीसी/आरपीएफ बालेश्वर की देखरेख में हुई। अधिकारियों ने कहा कि रेलवे केवल यात्रियों और संपत्ति की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन कछुओं की अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी मांग है, जिसके कारण तस्करी बढ़ रही है। यह जैव विविधता के लिए गंभीर खतरा है। वन विभाग ने पुष्टि की है कि आगे की जांच में और लोगों के शामिल होने की संभावना है।
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