जमशेदपुर: जमशेदपुर के सोनारी में आज एक दुःखद घटना सामने आई है. सोनारी के डोबो पुल से एक 13 वर्षीय छात्रा ने आत्महत्या के इरादे से छलांग दी. हालांकि छात्रा की जान बच गई है. छात्रा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की 9वीं कक्षा की छात्रा है.
गुरुवार को छठ पूजा की छुट्टियों के बाद छात्रा अपनी मां के साथ वापस हॉस्टल जा रही थी. रास्ते में अचानक उसने एक ऐसा कदम उठा लिया जिससे सभी दंग रह गए. मां-बेटी जब डोबो पुल के पास पहुंचीं, तो मां ने किसी काम से छात्रा को थोड़ी देर रुकने को कहा. तभी छात्रा वहां से कुछ दूर आगे बढ़ी और से छलांग लगा दी. मिली जानकारी की मुताबिक छात्रा हॉस्टल वापस नहीं जाना चाहती थी, इसलिए उसने ऐसा कदम उठाया।
छात्रा को डुबता लगाता देख मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गयी. उसी वक्त किनारे मौजूद मछुआरों ने बिना देर किए नदी में छलांग दी और डूबती हुई बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला।
स्थानीय लोगों ने मामले की जानकारी तुरंत सोनारी पुलिस को दी. पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बच्ची को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा. बाद में उसे चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) को सौंप दिया गया.
पुलिस के अनुसार, बच्ची मानसिक रूप से बेहद तनाव में लग रही थी और हॉस्टल वापस नहीं जाना चाहती थी. सीडब्ल्यूसी अब बच्ची की मानसिक स्थिति का आकलन कर रही है ताकि उसके मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा से संबंधित उचित निर्णय लिए जा सकें. विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला न सिर्फ एक व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी भी है. किशोरों में बढ़ता शैक्षणिक तनाव, पारिवारिक दबाव और भावनात्मक संवाद की कमी इस तरह की घटनाओं को जन्म दे रही है.




















































