गुवा : गुवा क्षेत्र में 12 गांव के मुंडा-मानकी के नेतृत्व में 500 ग्रामीणों की बहाली को लेकर चल रहा भूख हड़ताल 72 घंटे बीत जाने के बाद भी जारी है, लेकिन अब तक न तो प्रशासन और न ही सेल प्रबंधन का कोई अधिकारी आंदोलनरत ग्रामीणों की सुध लेने पहुंचा है।
इससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी दौरान भूख हड़ताल में बैठे ग्रामीणों के बीच एक महिला के बच्चे की अचानक तबीयत बिगड़ गई। स्थिति गंभीर होते देख आंदोलनकारी ग्रामीणों ने तुरंत उसे उठाकर गुवा सेल अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका प्राथमिक उपचार जारी है।
इस घटना ने आंदोलन स्थल पर मौजूद लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। ग्रामीणों ने सेल प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि 72 घंटे बीतने के बावजूद भी प्रबंधन वार्ता के लिए सामने नहीं आया है। उनका कहना है कि उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे मजबूर होकर आंदोलन को और उग्र रूप देने का निर्णय लिया गया है।
ग्रामीणों ने घोषणा की है कि 19 अप्रैल को आंदोलन स्थल पर एक अहम बैठक की जाएगी, जिसमें आगे की रणनीति तय होगी। इसके बाद 20 अप्रैल की सुबह 4 बजे से 12 गांवों के ग्रामीणों के साथ सेल का चक्का जाम किया जाएगा। इस दौरान उत्पादन पूरी तरह से ठप करने और रेल मार्ग को बाधित करने की भी चेतावनी दी गई है, ताकि यहां से आयरन ओर का परिवहन पूरी तरह रोक दिया जाए।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि इस आंदोलन को व्यापक रूप देने के लिए झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के नेतृत्व में आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। गौरतलब है कि इस भूख हड़ताल में महिलाओं की भागीदारी भी काफी सक्रिय है। बड़ी संख्या में महिलाएं आंदोलन स्थल पर मौजूद हैं और जमीन पर रात बिताकर अपने हक की लड़ाई लड़ रही हैं।
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