बहरागोड़ा : ब्रामनकुंडी पंचायत स्थित पौराणिक शिव मंदिर में वर्षों पुरानी परंपरा को जीवंत रखते हुए चार दिवसीय गाजन पर्व का हर्षोल्लास के साथ शुभारंभ हो गया है, जहाँ गुरुवार को भक्ति की अनूठी मिसाल पेश करते हुए13 भोक्ताओं ने काँटी युक्त कटीली टहनियों पर लोट-पोट होकर अपनी कठिन साधना शुरू की। मंदिर कमेटी के अनुसार, मुख्य भोक्ता गौरी कुमार श्यामल के नेतृत्व में कुल 13 श्रद्धालु पिछले 13 दिनों से मंदिर परिसर में ही रहकर कड़े उपवास का पालन कर रहे हैं, जो प्रतिदिन आधा किलोमीटर पैदल चलकर रागड़ो नदी में स्नान व पूजा-अर्चना के बाद गाजे-बाजे के साथ लौटते हैं और ग्रामीणों द्वारा उनकी भव्य आरती उतारी जाती है। केवल रात में अरवा चावल का आहार ग्रहण कर कठिन संयम का पालन करने वाले इन भोक्ताओं की साधना का समापन 2 मई को होगा, जिसमें झारखंड समेत तीन राज्यों के हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे। इस पावन अवसर पर मंदिर परिसर में विशाल मेले का भी आयोजन किया गया है, जो स्थानीय संस्कृति और अटूट आस्था के संगम का केंद्र बना हुआ है।
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