जादूगोड़ा : पोटका प्रखंड क्षेत्र के आसनवनी (जादूगोड़ा) में जिन्दल कंपनी द्वारा धोखाधड़ी कर बिचौलियों के मार्फत सैकड़ों एकड़ अधिग्रहित जमीन की वापसी को लेकर विरोध के स्वर उठने लगे हैं। जेएलकेएम के वरीय केंद्रीय उपाध्यक्ष भागीरथी हांसदा की अध्यक्षता में कारगिल चौक पर इस मामले को लेकर बैठक हुई, जिसमें जमीन वापसी को लेकर किसानों को गोलबंद करने का फैसला लिया गया। इस बाबत जेएलकेएम के केंद्रीय उपाध्यक्ष भागीरथी हांसदा, विमल महतो शंकर भगत ने संयुक्त रुप से बताया कि जादूगोड़ा थाना क्षेत्र के आसनवनी, समेत उसके आस-पास के गांव में वर्ष 2005 से 2013 तक सैकड़ों एकड़ जमीन स्टील प्लांट लगाने के लिए जिंदल कम्पनी ने अधिग्रहण किया। बदले में जॉब ऑर्डर भी दिया। ग्रामीणों को विश्वास था कि जिंदल के प्लांट से उनके दिन बहुरेंगे। सपने हकीकत में बदलेंगे। जिसकी वजह से प्लांट लगाने को लेकर आयोजित जनसुनवाई में ग्रामीणों ने भरपूर समर्थन दिया। लेकिन 20 साल बाद भी उद्योग के लिए आज तक एक ईंट भी नहीं जुड़ा। जेएलकेएम नेता भागीरथी हांसदा ने बताया कि जमीन अधिग्रहण अधिनियम 2013 की धारा 101 में स्पष्ट वर्णित हैं कि जमीन अधिग्रहण के पांच साल में उद्योग स्थापित नहीं करने की स्थिति में रैयतों को उनकी जमीन वापस देना होगा। नेताओं ने झारखंड सरकार से मांग की हैं कि, सभी रैयत को जमीन वापस किया जाय, अन्यथा जेएलकेएम जोरदार आंदोलन करने को बाध्य होगी। इस मौके कर जेएलकेएम अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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