अशुभ शक्ति पर शुभ शक्ति की विजय ही विजया दशमी का मूल भाव : शंकर चंद्र गोप
पोटका : हाता स्थित माताजी आश्रम हाता में आश्रम की संस्थापिका योगेश्वरी मां की 164वीं जयंती सह विजया सम्मेलन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर योगेश्वरी मां की पूजा-अर्चना की गई।
सुनील कुमार दे ने योगेश्वरी मां की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे त्याग और तपस्या की जीवंत मूर्ति थीं। उन्होंने माताजी आश्रम की स्थापना कर इस क्षेत्र को पुण्यपीठ बना दिया। वहीं, करुणामय मंडल, राजकुमार साहू, शक्तिपद रजक और मृणाल पाल ने भी योगेश्वरी मां के जीवन पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को विजया दशमी की शुभकामनाएं दीं।
शंकर चंद्र गोप ने कहा कि विजया मिलन भाईचारे और एकता का प्रतीक है। अशुभ शक्ति पर शुभ शक्ति की विजय ही विजया दशमी का मूल भाव है। इस अवसर पर तोरित मंडल, पतित पावन दास, श्रीया पाल, देसाई सोरेन और सुनील कुमार दे सहित अन्य कलाकारों ने भक्तिमय संगीत प्रस्तुत किया।
संध्या आरती के बाद कथामृत पाठ और हरिनाम कीर्तन हुआ। इसके बाद अनुष्ठान का समापन हुआ तथा श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया।
इस अवसर पर चीनू मां, निताई महाकुड़, राजकुमार साहू, तपन मंडल, नारायण चटर्जी, मोनी पाल, तरुण मंडल, कृष्ण गोप, संजीव साह, संजय साहू, सहदेव मंडल, लोचना मंडल, अंजली मंडल, स्वपन मंडल, प्रद्युत मंडल, मृणाल पाल, सुबोध मंडल, शक्तिपद रजक, बेलारानी मंडल, काजल आदि मौजूद रहे।
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