बहरागोड़ा: बहरागोड़ा प्रखंड क्षेत्र की खांडामौदा पंचायत में लगभग 1800 परिवार आज भी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। रगड़ो खाल नदी किनारे स्थित श्मशान घाट तक जाने के लिए यहां कोई पक्की सड़क नहीं है, जिससे ग्रामीणों को शव यात्रा के दौरान गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यह वर्षों पुरानी मांग अब तक पूरी नहीं हो पाई है, जिससे स्थानीय लोग जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से निराश हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि श्मशान घाट तक कच्ची सड़क की स्थिति दयनीय है। बरसात में घुटनों तक कीचड़ जमा हो जाता है, जिससे शव को अंतिम यात्रा के लिए ले जाना बेहद मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात में वे भगवान से प्रार्थना करते हैं कि किसी की मौत उस समय न हो।
स्थानीय लोग बताते हैं कि सड़क के बीचों-बीच और दोनों ओर इतनी झाड़ियां उग आई हैं कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। किसी की मृत्यु होने पर पार्थिव शरीर को श्मशान घाट तक ले जाना चुनौती बन गया है।
लगभग 10 साल पहले पूर्व विधायक कुणाल षडंगी के सहयोग से श्मशान घाट पर एक शेड का निर्माण कराया गया था। लेकिन देखरेख के अभाव में अब वहां भी झाड़ियां उग गई हैं।
ग्रामीणों ने सरकार, विधायक और सांसद से आग्रह किया है कि एनएच 49 से श्मशान घाट तक लगभग 800 मीटर पक्की सड़क का निर्माण जल्द कराया जाए। उनका कहना है कि यह केवल सड़क नहीं, बल्कि मानवता और सम्मान का सवाल है, ताकि अंतिम यात्रा में किसी को इतनी पीड़ा न झेलनी पड़े।
इस मौके पर धनपति बेरा, आसिष सतपति, सुकरा बेरा, सुनील बेरा, कराली त्रिपाठी, बिनय रथ, पवित्र बेरा, चतुर्भुज बेरा, विजय रथ, भवेश षडंगी, पापु दास, गदाधर नायक, सुभम सतपति, मदन मोहन बेरा, कान्हू बेरा, रबिन्द्रनाथ बेरा, मनोरंजन नाईक, गोपाल बेरा, बिप्लब बेरा, महेश्वर बेरा, भवानी शंकर बेरा, सुप्रसन्न बेरा, विनायक गिरी, बापुन बेरा, सुमन बेरा, ईश्वर बेरा, शिवशंकर माइती, नीना माइती, सोना महापात्र, सुरु नाईक, धीरेंद्र नाथ माइती, राम बाग, आदित्य चालक, बीजो देहरी सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे। उन्होंने तुरंत इस समस्या के समाधान की मांग की।
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