देवघर: देवघर जिला प्रशासन द्वारा पुराना मीना बाजार स्थित प्राइवेट बस स्टैंड को बाघमारा आईएसबीटी में स्थानांतरित करने के निर्णय के विरोध में जिला बस ऑनर एसोसिएशन ने 10 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है. प्रशासन का कहना है कि इससे शहर को जाम की समस्या से राहत मिलेगी, जबकि एसोसिएशन का दावा है कि इससे यात्रियों की परेशानी और आर्थिक बोझ में बढ़ोतरी होगी.
हड़ताल की घोषणा, बसें रहेंगी खड़ी
बुधवार को स्थानीय सुविधा होटल में एसोसिएशन की बैठक हुई, जिसके बाद संगठन के अध्यक्ष दिनेशानंद झा और महामंत्री विनोद झा ने संयुक्त रूप से मीडिया को बताया कि जब तक प्रशासन निर्णय वापस नहीं लेता, तब तक सारी बसों का परिचालन पूरी तरह बंद रहेगा.देवघर से चलने और पहुंचने वाली करीब 200 निजी बसें हड़ताल से प्रभावित होंगी, जिससे प्रतिदिन 20 हजार से अधिक यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है.
हाईकोर्ट में दाखिल की गई पीआईएल
दिनेशानंद झा ने बताया कि बस स्टैंड के शिफ्टिंग के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है, जिसे स्वीकार कर लिया गया है. उन्होंने कहा,
“जब तक कोर्ट का अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, प्रशासन को यथास्थिति बनाए रखनी चाहिए. यदि हड़ताल के चलते यात्रियों को कोई असुविधा होती है, तो उसकी पूरी ज़िम्मेदारी प्रशासन की होगी.”
आईएसबीटी शहर से दूर, सुरक्षा और खर्च दोनों हैं चिंता का विषय
महामंत्री विनोद झा ने बताया कि बाघमारा आईएसबीटी शहर से दूर स्थित है, जिससे यात्रियों को आवागमन में कठिनाई होगी. उन्होंने कहा:
“न केवल किराया बढ़ेगा, बल्कि देर रात आने-जाने वाले यात्रियों की सुरक्षा भी एक बड़ा सवाल बन जाएगी. प्रशासन को चाहिए कि आईएसबीटी का उपयोग तीर्थयात्रियों के लिए सीमित रखे.”
प्रशासन ने कहा: मिलेगा ट्रैफिक से राहत
प्रशासन की ओर से दावा किया गया है कि बाघमारा आईएसबीटी से बसों के संचालन से शहर के भीड़भाड़ और ट्रैफिक जाम की समस्या में राहत मिलेगी. इसके लिए व्यवस्थित व्यवस्था और यात्री सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है.
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