जमशेदपुर : जिले में लगातार फैलते अतिक्रमण को लेकर प्रशासन अब सख्त रुख अपनाने को तैयार है. उपायुक्त अन्नय मित्तल ने सभी अंचल अधिकारियों (CO) को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण अब किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी और अतिक्रमण हटाने का विशेष अभियान चलाया जाएगा.
बिरसानगर समेत कई क्षेत्रों पर नज़र
उपायुक्त ने बिरसानगर और अन्य अंचलों में वर्षों से जारी अतिक्रमण पर गंभीर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि अनेक सरकारी व टाटा लीज की जमीनों पर अवैध रूप से बस्तियां बसाई गई हैं, जिन्हें अब चिन्हित कर हटाया जाएगा. उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे तत्काल अपने क्षेत्र की सरकारी ज़मीनों का सर्वेक्षण करें और अतिक्रमणकारियों की सूची बनाएं.
अतिक्रमण हटाने का खर्च भी वसूला जाएगा
जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण हटाने में आने वाला खर्च संबंधित अतिक्रमणकारियों से वसूल किया जाएगा. साथ ही, जिन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त किया जाएगा, वहाँ “सरकार की संपत्ति” दर्शाने वाले बोर्ड लगाए जाएंगे ताकि दोबारा कब्ज़ा न हो सके.
कर्मचारियों की मिलीभगत पर कठोर कार्रवाई
उपायुक्त मित्तल ने चेतावनी दी कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी की संलिप्तता अतिक्रमण में पाई जाती है, तो उस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन को ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ पर चलते हुए निष्पक्षता से कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.
प्रशासन की सख्ती से मचा हलचल
प्रशासन के इस निर्णय के बाद अतिक्रमणकारियों में खलबली मच गई है. अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि जिला प्रशासन इस अभियान को ज़मीनी स्तर पर कितनी दृढ़ता से लागू करता है और शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने की दिशा में कितना प्रभावी कदम उठाया जाता है.
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