
धनबाद: झारखंड के उच्च शिक्षा जगत में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने आइआइटी (आइएसएम) धनबाद को राज्य के चार विश्वविद्यालयों के लिए नयी शिक्षा नीति (NEP) लागू करने की नोडल एजेंसी नियुक्त किया है। इसके तहत बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (धनबाद), सिदो-कान्हू विश्वविद्यालय (दुमका), विनोबा भावे विश्वविद्यालय (हजारीबाग) और नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय (पलामू) को मार्गदर्शन मिलेगा।
इस काम की जिम्मेदारी आइआइटी-आइएसएम के डीन एकेडमिक प्रोफेसर एमके सिंह को सौंपी गई है। वे इन विश्वविद्यालयों को नयी शिक्षा नीति लागू करने में दिशा देंगे और इसके क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों से केंद्र को अवगत कराएंगे।
अब तक तीन बैठकें हो चुकी हैं। इनमें ग्रॉस एनरॉलमेंट रेशियो बढ़ाने, मल्टी-डिसिप्लिनरी और वोकेशनल कोर्स शुरू करने, रिसर्च सुविधाएं मजबूत करने और पाठ्यक्रम की गुणवत्ता सुधारने पर चर्चा की गई है। बैठकों में यह भी सामने आया कि विश्वविद्यालयों को इस नीति के शत-प्रतिशत अनुपालन में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षकों की कमी, स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक प्रयोगशालाओं का अभाव, डिजिटल लाइब्रेरी की सीमित उपलब्धता और ग्रामीण कॉलेजों में कमजोर आधारभूत ढांचा प्रमुख समस्याएं हैं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय चाहता है कि आइआइटी धनबाद जैसी राष्ट्रीय संस्था की विशेषज्ञता का लाभ राज्य के विश्वविद्यालयों तक पहुंचे। इससे न केवल शिक्षा और शोध की गुणवत्ता बढ़ेगी बल्कि विश्वविद्यालयों की वास्तविक दिक्कतें भी केंद्र तक पहुंचेंगी, ताकि ठोस समाधान निकाला जा सके।
आइआइटी-आइएसएम के डीन एकेडमिक प्रो. एमके सिंह ने कहा कि हमारी भूमिका नोडल एजेंसी की है। हमें विश्वविद्यालयों को एनईपी लागू करने में मार्गदर्शन देना है और उनके सामने आ रही व्यावहारिक चुनौतियों की जानकारी केंद्रीय मंत्रालय तक पहुंचाना है।
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