जादूगोड़ा: डुमरिया के पूर्व नक्सली महेश्वर मुर्मू अब मुख्यधारा में जुड़कर खेती कर अपनी जीविका चला रहे हैं। उनका कहना है कि जनता ने उन पर विश्वास किया तो वे आगामी जिला परिषद चुनाव में भाग लेंगे। महेश्वर ने कहा कि उनका मकसद जनता की समस्याओं को उपायुक्त स्तर तक पहुंचाना और उनका हक दिलवाना है।
महेश्वर मुर्मू रोज़ाना खेत जाते हैं और खेतों में उग आए फसल को कंधे पर लादकर घर लौटते हैं। उनका नया आवास रागा माटिया मुख्य सड़क के किनारे स्थित है। उन्होंने बताया कि हरिना से डुमरिया सड़क का शिलान्यास 10 साल पहले हुआ था, लेकिन निर्माण कार्य अधूरा है। सड़क में जगह-जगह गड्ढे हैं और स्थानीय प्रशासन की सुधि लेने वाला कोई नहीं है। महेश्वर ने नेताओं और जनप्रतिनिधियों की बयानबाज़ी पर भी नाराज़गी जताई।
महेश्वर मुर्मू ने बताया कि उन्होंने 23 जुलाई 2003 को तत्कालीन एसपी अरुण उरांव के समक्ष हथियार के साथ सरेंडर किया था। उस समय रघुवर दास सरकार ने आश्वासन दिया था कि उन्हें घर और पैसा मिलेगा, लेकिन आज तक कोई लाभ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अब अधिकारी उनकी ओर देखने तक नहीं आते।
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