जमशेदपुर: जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के सिदगोड़ा कैम्पस के ऑडिटोरियम में बायोटेक विभाग द्वारा “फ्रेश वाटर पर्ल कल्चर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट” विषय पर एक दिवसीय वर्कशॉप का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. (डॉ.) अजिला गुप्ता ने की. इस अवसर पर रजिस्ट्रार राजेंद्र कुमार जायसवाल, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. किश्वर आरा, विज्ञान संकायाध्यक्ष डॉ. जावेद अहमद, सी. वी. सी. डॉ. अन्नपूर्णा झा, लाइब्रेरी कोऑर्डिनेटर डॉ. रिजवान परवीन, विषय विशेषज्ञ डॉ. रितेश कुमार शुक्ला, और बायोटेक विभाग के शिक्षक डॉ. विश्व राज लाल एवं डॉ. कुमारी श्वेता उपस्थित थे.
कुलपति का सम्बोधन
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो. (डॉ.) अजिला गुप्ता ने अपने सम्बोधन में कहा कि इस वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को पर्ल कल्चर के माध्यम से एक लाभकारी व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित करना है. उन्होंने बताया कि पर्ल की खेती से बड़े पैमाने पर वित्तीय लाभ कमाया जा सकता है. हमारे विश्वविद्यालय में पर्ल कल्चर का एक वर्षीय कोर्स भी संचालित किया जाता है, जिसे छात्राएं पूरा करके इस क्षेत्र में अपना करियर बना सकती हैं. साथ ही, उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बायोटेक विभाग के शिक्षकों और छात्राओं को इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए बधाई दी.
मार्केटिंग और स्टार्टअप के अवसर
कार्यक्रम में बोलते हुए वोकेशनल कोऑर्डिनेटर डॉ. अन्नपूर्णा झा ने पर्ल कल्चर के मार्केटिंग के पहलुओं पर चर्चा की. उन्होंने छात्राओं से अपील की कि यदि वे अपना स्टार्टअप शुरू करती हैं तो उन्हें मार्केटिंग में भी मदद मिलेगी और इससे उनके व्यवसाय को सफल बनाने में सहारा मिलेगा.कार्यक्रम का मंच संचालन बायोटेक विभाग के शिक्षक डॉ. विश्व राज लाल ने किया, जबकि कुमारी श्वेता ने धन्यवाद ज्ञापित किया. इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विश्वविद्यालय की सभी संकाय की छात्राओं ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया.
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