जमशेदपुर: जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने अपने बिष्टुपुर स्थित निवास/कार्यालय में 14 से 20 नवंबर तक चले चौथे बाल मेले की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य के वित्त मंत्री द्वारा बाल बजट दोगुना करने की घोषणा की गई है, जो स्वागतयोग्य कदम है। सरयू राय ने स्पष्ट किया कि बच्चों के लिए आवंटित धनराशि बच्चों के लिए ही खर्च हो, किसी और मद में न जाए।
समीक्षा बैठक में उठाए गए सुझाव
बैठक में बाल मेला संचालन समिति और अन्य सदस्यों ने कई सुझाव दिए:
- बच्चों के लिए अधिक झूला और मनोरंजन के साधनों का इंतजाम।
- जच्चा-बच्चा और गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य पर ध्यान।
- कुपोषित बच्चों की मदद और स्कूल न जा पाने वाले बच्चों को जोड़ना।
- संस्कारवान और मेधावी नौजवानों को जोड़ने के लिए पहल।
- बाल अधिकार संरक्षण और बच्चों के कल्याण पर सतत ध्यान।
सरयू राय ने कहा कि बाल मेला केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य, पोषण और विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
बाल मेलों में सुधार के लिए दिशा-निर्देश
- मेले में बच्चों के स्टॉल और आवश्यक सुविधाओं का इंतजाम।
- स्लम और कमजोर तबके के बच्चों को मेले से जोड़ना।
- बाल मेलों को सेवा भाव से संचालित करना, न कि केवल आयोजन के रूप में।
- निरंतरता बनाए रखना और मेले के आयोजन को उद्देश्यपूर्ण और प्रभावी बनाना।
सरयू राय ने कहा कि सेवा भाव ही बाल मेले की सफलता की कुंजी है। बच्चों के कल्याण के लिए काम करना सभी का सामाजिक और नैतिक दायित्व है।
समिति और स्वयंसेवकों का सम्मान
बाल मेला के संचालन में योगदान देने वाले कई लोगों को सम्मानित किया गया। इसमें प्रमुख शामिल थे: गोविंद दोदराजका, शिवशंकर सिंह, अशोक गोयल, आशुतोष राय, मंजू सिंह, अमृता मिश्रा, सुधीर सिंह, सुबोध श्रीवास्तव, शिव पूजन सिंह, हरेराम सिंह, नीरज सिंह, अनिकेत सावरकर, और कई अन्य।
सभी सम्मानितों को उनके समर्पण और मेहनत के लिए सरयू राय ने धन्यवाद दिया और भविष्य में बाल कल्याण को और प्रभावी बनाने के लिए योगदान देने का आग्रह किया।
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